बॉल टैम्परिंग मामले में भारतीय खिलाड़ियों की ओर से लगातार चौंकाने वाला बयान दिया जा रहा है। आशीष नेहरा के बाद भारत के एक और तेज गेंदबाज ने सनसनीखेज खुलासा किया है। अब श्रीसंत ने कहा कि बॉल से छेड़छाड़ की घटनाएं आमतौर पर हर मैच में होती हैं और भारतीय क्रिकेटर्स भी इस बात को जानते हैं। ‘रिपब्लिक टीवी’ से बात करते हुए श्रीसंत ने कहा कि क्रिकेट में बॉल टैम्परिंग लंबे समय से होता रहा है…यहां तक कि क्लब स्तरीय क्रिकेट में भी बॉल से छेड़छाड़ किया जाता है। ऐसे में उन्हें ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों द्वारा की गई बॉल टैम्परिंग पर आश्चर्य नहीं हुआ। पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा, ‘भारतीय खिलाड़ी भी टैम्परिंग के बारे में जानते हैं। अब इस पर आईसीसी और बीसीसीआई को फैसाला लेना है कि ऐसे खिलाड़ियों को प्रतिबंधित किया जाए या नहीं। इस मसले पर भारत के पूर्व महान खिलाड़ी बोलेंगे तो अच्छा रहेगा।’ आईपीएल में बॉल टैम्परिंग रोकने के सवाल पर श्रीसंत ने कहा कि आईसीसी और बीसीसीआई ने जो रुख उनके खिलाफ अपनाया था, वही इस मसले पर भी अपनाया जाना चाहिए।
ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच मौजूदा टेस्ट सीरीज के दौरान बॉल टैम्परिंग का विवाद सुर्खियों में आया है। ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर्स पर गेंद के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया है। कप्तान के पद से हटने वाले स्टीव स्मिथ ने सार्वजनिक तौर पर बॉल टैम्परिंग की बात कबूल भी की है। आईसीसी ने उन्हें और टीम के उपकप्तान डेविड वार्नर को एक टेस्ट मैच के लिए निलंबित भी कर दिया है। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड के रुख को देखते हुए उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाने का खतरा बढ़ गया है। इस विवाद में स्मिथ के अलावा वार्नर और कैमरन बैंक्राफ्ट का नाम भी सामने आया है। मामले की जांच के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के वरिष्ठ अधिकारी केपटाउन पहुंच गए थे। यहां तक कि ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल ने खुद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अध्यक्ष से बात की थी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सरदलैंड ने ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट प्रशंसकों से इसके घटना के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी भी मांगी थी। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड के प्रावधानों के तहत स्मिथ, वार्नर और बैंक्रॉफ्ट पर आजीवन प्रतिबंध का खतरा भी बढ़ गया है।
