दक्षिण अफ्रीका ने तीसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 322 रन से हरा दिया। जीत के लिए 430 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम चौथे दिन (25 मार्च) को 107 रन पर आउट हो गई। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया का प्रदर्शन बेहद शर्मनाक रहा। इस जीत के साथ मेजबान टीम ने चार टेस्ट मैचों की सीरीज में 2-1 से बढ़त ले ली है। मेहमान टीम के 11 में से 8 खिलाड़ी दहाई का आंकड़ा तक ना छू सके। इतना ही नहीं 3 बल्लेबाज तो अपना खाता तक नहीं खोल सके।
बॉल टैंपरिंग के चलते ये मुकाबला काफी विवादों में आ गया था, जिसके बाद स्टीव स्मिथ से कप्तानी छीन ली गई। स्मिथ ने खुद स्वीकार किया कि उन्होंने गेंद से छेड़खानी की अनुमति दी थी । उन पर एक टेस्ट का प्रतिबंध और मैच फीस का शत प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। आईसीसी ने स्मिथ पर एक टेस्ट मैच का प्रतिबंध और पूरी मैच फीस का जुर्माना और येलो टेप के माध्यम से गेंद से छेड़खानी करने वाले बेनक्रॉफ्ट पर मैच फीस का 75 फीसदी जुर्माना लगा दिया।
दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के सिर्फ तीन बल्लेबाज, डेविड वार्नर (32), कैमरून बेनक्रॉफ्ट (26) और मिशेल मार्श (16) ही दहाई के आंकड़े को छू पाए। तीन बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल पाए। बेनक्रॉफ्ट और वार्नर ने पहले विकेट के लिए 57 रन जोड़े। इस साझेदारी को डु प्लेसिस ने बेनक्रॉफ्ट को रन आउट कर तोड़ा। दो रन बाद कागिसो रबादा ने वार्नर को आउट किया। इसी स्कोर पर उस्मान ख्वाजा को केशव महाराज ने अपना शिकार बनाया। यहां से विकेटों का पतन जारी रहा और ऑस्ट्रेलियाई टीम मैच हार गई। मोर्केल ने 9.4 ओवर में 23 रन देकर 5 विकेट झटके। मोर्केल ने इस मैच में कुल नौ विकेट अपने नाम किए। उन्होंने पहली पारी में चार शिकार किए थे।
इससे पहले, मेजबान टीम ने दिन की शुरुआत पांच विकेट के नुकसान पर 238 रनों के साथ की थी। दक्षिण अफ्रीका ने दिन का पहला विकेट अब्राहम डिविलियर्स (65) के रूप में खोया। उनके जाने के बाद क्विंटन डी कॉक (65) और वार्नोन फिलेंडर (नाबाद 52) ने टीम को को 373 के स्कोर तक पहुंचने में मदद की। डी कॉक ने 97 गेंदों पर आठ चौके और एक छक्का मारा। फिलेंडर ने 79 गेंदों की पारी में छह चौके और एक छक्का लगाया। इन दोनों के अलावा एडिन मार्कराम ने 145 गेंदों में 10 चौके और दो छक्कों की मदद से 84 रनों की पारी खेली। दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में डीन एल्गर के नाबाद 141 रनों के दम पर 311 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलियाई टीम पहली पारी में सिर्फ 255 रन ही बना सकी थी।
