साउथ अफ्रीका के खिलाफ बॉल टैंपरिंग कांड के बाद स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर पर एक साल का प्रतिबंध लगा दिया गया। मामले के बाद से ऑस्ट्रेलिया के इन दोनों बल्लेबाजों की विश्वभर में काफी आलोचना हो रही है। स्मिथ 24 महीनों तक ऑस्ट्रेलिया में किसी भी टीम की कप्तानी नहीं कर सकेंगे, जबकि वॉर्नर पर कप्तानी को लेकर आजीवन बैन लगाया गया है। अब सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड ने एक नया खुलासा कर दिया है। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक ये दोनों खिलाड़ी साल 2016 में शेफील्ड शील्ड मैच के दौरान भी बॉल टैंपरिंग कर चुके हैं।
रिपोर्ट के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के पूर्व अंपायर डेरल हार्पर ने ई मेल में इस बात का खुलासा करते हुए लिखा- डेविड वॉर्नर मैच के पहले दिन न्यू साउथ वेल्स के विकेटकीपर पीटर नेविल की तरफ निरंतर थ्रो करते हुए बाउंसर फेंक रहे थे, जिसके बाद अंपायरों ने स्मिथ से खेल भावना का समर्थन करने की अपील की थी, जिस पर वॉर्नर ने कोई ध्यान नहीं दिया। अगले दिन न्यू साउथ वेल्स के कोच ट्रेंट जॉन्स्टन को मैंने भी इस बारे में बताया।”
उन्होंने कहा कि, “क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को राष्ट्रीय कप्तान के बॉल टैंपरिंग में शामिल होने से कोई दिक्कत नहीं है। मैच हारने के बाद स्मिथ ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड की पिच के बारे में भी शिकायत की थी और ऐसा लग रहा था कि वह शेफील्ड शील्ड मैच खेलने से वह खुश नहीं हैं।”
केपटाउन में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में कैमरून बैनक्रॉफ्ट को गेंद के साथ पीले टेप से छेड़छाड़ करते हुए कैमरे में कैद किया गया था। बाद में स्मिथ और बैनक्रॉफ्ट ने यह बात मानी कि गेंद से छेड़खानी टीम की योजना थी। जांच में वॉर्नर इसमें शामिल पाए गए। इसके बाद सीए ने स्मिथ और वॉर्नर पर एक-एक साल का बैन लगा दिया। वहीं बैनक्रॉफ्ट को 9 महीनों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया।
