गुजरात ने 312 रन के बड़े लक्ष्य के सामने मुंबई के खिलाफ रणजी ट्रॉफी फाइनल में शुक्रवार (13 जनवरी) को यहां अच्छी शुरूआत करके मैच के चौथे दिन अपनी दूसरी पारी में बिना किसी नुकसान के 47 रन बनाये। मुंबई ने आलराउंडर अभिषेक नायर की 91 रन की तेजतर्रार पारी और कप्तान अभिषेक तारे : 69 : के अर्धशतक की बदौलत अपनी दूसरी पारी में 411 रन बनाये। मुंबई पहली पारी में 228 रन ही बना पाया था जिसके जवाब में गुजरात ने 328 रन बनाकर 100 रन की बढ़त हासिल की थी।
मुंबई की दूसरी पारी में गुजरात की तरफ से चिंतन रजा ने 121 रन देकर छह जबकि आरपी सिंह ने 83 रन देकर दो विकेट लिये। गुजरात अब लक्ष्य से 265 रन पीछे है। पहला रणजी खिताब जीतने के लिये उसका दारोमदार किसी एक रणजी सत्र में सर्वाधिक रन बनाने के रिकार्ड की तरफ बढ़ रहे प्रियांक पांचाल पर टिकी है जिन्होंने आज शाम के सत्र में अपनी फार्म का शानदार नजारा पेश करके कुछ आकर्षक शाट लगाये। पांचाल अभी 45 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 34 रन बनाकर खेल रहे हैं। उनके साथ दूसरे छोर पर समित गोहल आठ रन पर खेल रहे हैं।
पांचाल ने इस सत्र में अब तक 1310 रन बना लिये हैं और उन्हें किसी एक सत्र में सर्वाधिक रन के वीवीएस लक्ष्मण : 1999-2000 में 1415 रन : के रिकार्ड को बराबर करने के लिये केवल 105 रन की जरूरत है। गुजरात यदि कल मैच के पांचवें और अंतिम दिन लक्ष्य हासिल करने में सफल रहता है तो यह नया रिकार्ड होगा। रणजी फाइनल में सबसे बड़ा लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल करने का रिकार्ड हैदराबाद के नाम पर है जिसने 1937 . 38 में नवानगर के खिलाफ 310 रन का लक्ष्य हासिल किया था। अगर मुंबई मैच जीतने में सफल रहता है तो यह रणजी इतिहास में सातवां अवसर होगा जबकि कोई टीम पहली पारी में पिछड़ने के बाद खिताब जीतने में सफल रही। मुंबई इससे पहले दो बार ऐसा कर चुका है।
इससे पहले 41 बार के चैंपियन मुंबई ने सुबह अपनी दूसरी पारी तीन विकेट पर 208 रन से आगे बढ़ायी लेकिन उसके बल्लेबाजों विशेषकर सूर्यकुमार यादव को रन बनाने के लिये काफी संघर्ष करना पड़ा। वह अपने कल के स्कोर में केवल चार रन जोड़कर दिन के 14वें ओवर में पवेलियन लौटे।
रस कलारिया ने उन्हें विकेटकीपर पार्थिव पटेल के हाथों कैच कराया। तारे ने दूसरे छोर से रन बटोरने जारी रखे लेकिन नये बल्लेबाज सिद्धेष लाड : 15 : को आते ही आक्रामक रवैया अपनाना महंगा पड़ा। उन्होंने आर पी सिंह पर छक्का लगाया। अगली गेंद शार्ट पिच थी जिस पर उन्होंने पुल करने के प्रयास में डीप स्क्वायर लेग पर कैच थमाया। चिराग गांधी ने चार प्रयास में उसे कैच किया। आरपी सिंह का यह प्रथम श्रेणी मैचों में 300वां विकेट था।
हार्दिक पटेल ने इसके बाद तारे की पारी का अंत करके गुजरात को बड़ा विकेट दिलाया। उन्होंने 114 गेंदें खेली तथा 14 चौके जमाये। नायर ने यहीं से मुख्य बल्लेबाज की भूमिका निभायी जिससे मुंबई अपने स्कोर 400 रन के पार पहुंचाने में सफल रहा। इस आलराउंडर ने अपनी शानदार फार्म जारी रखी और अपने आक्रामक तेवरों का भी अच्छा नमूना पेश किया। जब गजा मुंबई के अन्य पुछल्ले बल्लेबाजों पर हावी हो रहे थे तब नायर ने रणनीतिक बल्लेबाजी की तथा ढीली गेंदों पर लंबे शाट खेले। नायर ने आखिरी बल्लेबाज के रूप में आरपी सिंह की गेंद पर पगबाधा आउट होने से पहले 146 गेंदें खेली तथा पांच चौके और इतने ही छक्के लगाये।

