प्रो कुश्ती लीग के प्रमोटर ‘प्रो-स्पोर्टिफाई’ आज तब विवाद में फंस गये जब ‘कोर नेटवर्क्स’ कंपनी ने आरोप लगाया कि उसने टूर्नामेंट के शुरूआती चरण के दौरान उनकी 1.5 करोड़ रूपये की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया है। प्रो-स्पोर्टिफाई को ‘कोर नेटवर्क्स’ कंपनी ने कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 271 के अंतर्गत कानूनी नोटिस भेजा है। इस कंपनी ने पीडब्ल्यूएल के पहले सत्र में 10 से 27 दिसंबर 2015 के प्रतियोगिता की जिम्मेदारी संभाली थी। इस नोटिस के अनुसार, ‘‘कोर नेटवर्क्स को 1,51,46,177 रूपये की कुल बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया है जिसका इस्तेमाल भारत में दिल्ली, लुधियाना, गुड़गांव, नोएडा, मुंबई और बेंगलूर में 10 दिसंबर 2015 से 27 दिसंबर 2015 तक प्रो कुश्ती लीग के आयोजन के लिये किया गया था।
यह नोटिस मुंबई की कानूनी फर्म ‘आर भार्गवन एंड एसोसिएट्स’ ने भेजा है, इसके अनुसार, ‘‘हमारा मुवक्किल बार बार विशाल गुरनानी :प्रो-स्पोर्टिफाई के निदेशक, कार्तिकेय शर्मा (पीडब्ल्यूएल के प्रमोटर और प्रबंध निदेशक) और जिग्नेश पटेल (कार्यालय प्रभारी) से जनवरी 2016 से इस बकाया राशि और बिलों का भुगतान करने का अनुरोध कर रहा है।
जब प्रो-स्पोर्टिफाई के निदेशक विशाल गुरनानी से इस संदर्भ में संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी बकाया राशि देने के लिये तैयार थी लेकिन जो सेवायें उन्हें मुहैया करायी गयीं थी सिर्फ उन्हीं के लिये, कागजों पर दी गयी सेवाओं के लिये नहीं। गुरनानी ने पीटीआई से हका, ‘‘हमने पहले ही दो करोड़ रूपये की राशि का भुगतान कर दिया है और जो भी बचा है, वह वाणिज्यिक विवाद के दायरे में है। हमें उनकी कुछ राशि देनी है और हम कंपनी से लगातार संपर्क में है। हमें उन्हें सिर्फ उन सेवाओं का भुगतान करने में खुशी होगी जो हमें दी गयी है और उन सेवाओं के लिये नहीं जो सिर्फ कागज पर दिखायी गयी हैं। हम इसका भुगतान नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम इन विवादास्पद मुद्दों के संदंर्भ में उनसे संपर्क में थे लेकिन उन्होंने हमें कानूनी नोटिस भेज दिया। ’’

