दिल्ली हाफ मैराथन विजेता कीनिया के इलियुद किपचोगे का मानना है कि अगर ओलंपिक चैम्पियन काफी प्रदूषण के बीच प्रतिस्पर्धा पेश करके अपने फेफड़ों को जोखिम में डाल सकता है जो दिल्लीवासी भी ऐसा कर सकते हैं। रियो ओलंपिक की मैराथन स्पर्धा के स्वर्ण पदक विजेता किपचोगे ने 270000 डॉलर इनामी प्रतियोगिता जीतने के बाद कहा, ‘मैं प्रदूषित शहर में दौड़ने के लिए आया इसका पहला कारण यह था कि मैं पूरी पीढ़ी, एक देश को खेल से जुड़ने के लिए प्रेरित करना चाहता था। इस तरह से भारतीय सुबह, दोपहर खुले में ट्रेनिंग कर सकते हैं और इसमें कोई समस्या नहीं है। अगर आपने अच्छी ट्रेनिंग की है तो काम पूरा हो गया।’

कीनिया के इस धावक ने कहा, ‘मैं यहां पर सिर्फ प्रदूषित शहर में दौड़ने के लिए आया था। पिछले चार दिन से मैं यहां हूं, मैं ट्विटर पर प्रदूषण के बारे में पढ़ रहा था लेकिन मैंने उन्हें कहा कि यह मुद्दा नहीं है। उनमें से एक ने कहा कि वह अपने बच्चों को एक घंटे से अधिक नहीं दौड़ने देंगे। मैंने आज उन्हें दिखाया कि एक घंटा दौड़ने में कोई परेशानी नहीं है।’ पोडियम पर जगह बनाने वाले दो अन्य धावकों पर भी प्रदूषण का असर नहीं पड़ा लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने प्रदूषण के कारण आंखों में जलन की शिकायत की।