नारीशक्ति की जय जयकार का अनूठा नजारा सोमवार (29 अगस्त) को राष्ट्रपति भवन में देखने को मिला जब राष्ट्रपति ने रियो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करने वाली बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधू, पहलवान साक्षी मलिक और जिम्नास्ट दीपा करमाकर को राजीव गांधी खेल रत्न से नवाजा जबकि निशानेबाज जीतू राय को भी देश का यह सर्वोच्च खेल पुरस्कार प्रदान किया गया। पहली बार चार खिलाड़ियों को खेल रत्न पुरस्कार से नवाजा गया। इसका श्रेय रियो ओलंपिक में इन तीनों ‘वंडर गर्ल’ के शानदार प्रदर्शन को जाता है जिनमें से सिंधू ने रजत पदक जीता जबकि साक्षी महिला कुश्ती में कांस्य पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनी और दीपा ने जिम्नास्टिक में क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला बनने के बाद चौथा स्थान हासिल करके सभी का दिल जीता। जीतू ने 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण और आईएसएसएफ विश्व कप में पुरुषों की दस मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण पदक जीता था हालांकि रियो ओलंपिक में वह पदक नहीं जीत सके।

राष्ट्रपति ने ऐतिहासिक दरबार हाल में आयोजित समारोह में इन सभी को पदक, सर्टिफिकेट और 7.5 लाख रुपए नकद पुरस्कार दिया। समारोह के आकर्षण का केंद्र हालांकि महिला पहलवान विनेश फोगाट रही जो रियो ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल में घुटने की चोट के कारण हारकर बाहर हो गई थी। व्हीलचेयर पर आई विनेश को पुरस्कार देने राष्ट्रपति खुद आगे आए और हाल में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ इस खिलाड़ी के जज्बे को सराहा। क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे को छोड़कर सभी 14 खिलाड़ी अर्जुन पुरस्कार लेने के लिए मौजूद थे जिन्हें प्रतिमा, सर्टिफिकेट और पांच-पांच लाख रुपए नकद पुरस्कार दिए गए। रियो ओलंपिक में 3000 मीटर स्टीपलचेस में 10वें स्थान पर रही लंबी दूरी की धाविका ललिता बाबर, पिछले साल विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय मुक्केबाज शिवा थापा, हॉकी खिलाड़ी वी आर रघुनाथ और रानी रामपाल को भी अर्जुन पुरस्कार प्रदान किया गया।

तीरंदाज रजत चौहान, बिलियर्ड्स और स्नूकर खिलाड़ी सौरव कोठारी, फुटबॉल खिलाड़ी सुब्रत पाल, निशानेबाज गुरप्रीत सिंह और अपूर्वी चंदेला, टेबल टेनिस खिलाड़ी सौम्यजीत घोष को भी अर्जुन पुरस्कार प्रदान किये गए । इस साल छह कोचों को द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रदान किए गए जिनमें दीपा के कोच बिश्वेश्वर नंदी और भारतीय टेस्ट कप्तान विराट कोहली के कोच राजकुमार शर्मा शामिल हैं। उनके अलावा नगापुरी रमेश (एथलेटिक्स), सागर मल धयाल (मुक्केबाजी), प्रदीप कुमार (तैराकी, जीवनपर्यंत योगदान) और महाबीर सिंह (कुश्ती, जीवनपर्यंत योगदान) को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिए गए। संन्यास के बाद खेलों को बढ़ावा देने के लिए ध्यानचंद जीवनपर्यंत योगदान पुरस्कार सत्ती गीता (एथलेटिक्स), सिल्वानस डुंगडुंग (हॉकी) और राजेंद्र प्रहलाद शेल्के (नौकायन) को दिए गए।

तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहस पुरस्कार ताशी मलिक, नुंगशी मलिक, देवाशीष विश्वास (भूमि साहस), रितु किशोर केडिया (जल साहस), बी राजकुमार (वायु साहस) और हरभजन सिंह (जीवनपर्यंत उपलब्धि) को दिए गए। मौलाना अबुल कलाम आजाद ट्राफी पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला को दिया गया जबकि हाकी सिटीजन ग्रुप, दादर पारसी जोरास्ट्रियन क्रिकेट क्लब, उषा स्कूल आफ एथलेटिक्स और स्टेयर्स को राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया । कारपोरेट सामाजिक दायित्व के माध्यम से खेलों को प्रोत्साहन का पुरस्कार इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड को और खिलाड़ियों के लिए रोजगार और अन्य कल्याणकारी उपाय विकास के लिए भारतीय रिजर्व बैंक और सुब्रतो मुखर्जी स्पोर्ट्स एजुकेशन सोसायटी को पुरस्कार दिया गया ।