खेल कोटे से नौकरी पाने वाले सीमा पर तैनात सैनिकों के परिवारों को नोटबंदी के चलते हो रही समस्याओं से चिंतित भारतीय ओलंपिक संघ ने प्रधानमंत्री कार्यालय से उनकी मदद का आग्रह किया है। आईओए को कई सैनिकों के फोन और संदेश आये हैं जिनमें अधिकांश हवलदार, सूबेदार और लांस नायक हैं। उन्होंने आईओए से इस संदर्भ में पीएमओ से बात करने को कहा है। आईओए महासचिव राजीव मेहता ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा है ताकि ऐसी किसी योजना या उपाय का पता चल सके जिससे इन सैनिकों के परिवारों को दैनंदिनी के कामकाज के लिये नकद हासिल करने में परेशानी ना हो।
उन्होंने कहा,‘आईओए नोटबंदी के खिलाफ नहीं है। यह सरकार का फैसला है और हम नहीं कहते कि यह अच्छा या बुरा है। सेना पर तैनात कई सैनिकों के परिवार हालांकि देश के अंदरूनी हिस्सों में हैं जिन्होंने हमें एसएमएस और फोन किये हैं ताकि उनके बच्चों और पत्नियों को नकदी की कमी के कारण परेशानी ना हो।’ मेहता ने कहा,‘इनमें से अधिकांश (सैनिकों की पत्नियां) निरक्षर या अर्ध साक्षर है। वे बैंक नहीं जा सकती और छोटे बच्चे होने के कारण लंबी कतार में खड़ी नहीं हो सकती।’ इस बीच आईओए ने अपनी आमसभा की सालाना बैठक 27 दिसंबर को बुलाई है।

