विश्वनाथन आनंद अपने चिर प्रतिद्वंद्वी रूस के ब्लादीमिर पुतिन से नौवे और आखिरी दौर में ड्रॉ खेलकर लंदन शतरंज क्लासिक में संयुक्त तीसरे स्थान पर रहे। आनंद ने इस पूरे टूर्नामेंट में अनूठी चाले चलकर प्रतिद्वंद्वियों को चौकाया। एकमात्र खराब नतीजा तीसरे दौर में हिकारू नकामूरा से मिली पराजय रही। अमेरिका के वेसले सो ने टूर्नामेंट जीता जिन्होंने आखिरी दौर में फ्रांस के मैक्सिम वाचियेर लाग्रेव से ड्रॉ खेला। सो के नौ में से छह अंक रहे और वह हमवतन फेबियानो कारूआना से आधा अंक आगे रहे जिन्होंने नीदरलैंड के अनीश गिरी को ड्रॉ पर रोका।

आनंद, नकामूरा और क्रामनिक पांच पांच अंक लेकर तीसरे स्थान पर रहे। अब आनंद को अगले साल ग्रैंड शतरंज टूर के लिये भी आमंत्रित किया जायेगा। सो को जीत के साथ 75000 डॉलर मिले। आनंद ने उनकी तारीफ करते हुए कहा,‘उसने सहज खेल दिखाया। ऐसा कभी भी नहीं लगा कि उसे अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत है। वह लंबे समय से अपराजेय रहे हैं।’ इस प्रदर्शन के साथ आनंद के पास शीर्ष आठ में रहकर अगली विश्व चैम्पियनशिप में जगह बनाने का मौका है। उन्होंने कहा,‘निश्चित तौर पर मैं विश्व कप खेलूंगा। मेरे लिये कैंडीडेट्स टूर्नामेंट में जगह बनाने का यह मौका था और टूर में जगह पाकर मैं काफी रोमांचित हूं।’