राष्ट्रीय हॉकी टीम के कप्तान पीआर श्रीजेश ने एशियाई चैम्पियनशिप ट्रॉफी में मिली जीत को उरी हमले में मारे गए भारतीय सैनिकों और उनके परिवार को समर्पित करते हुए कहा कि यह उनके लिए दिवाली का तोहफा है जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपना जीवन गंवा दिया। कुआलालंपुर से यहां पहुंचने के बाद श्रीजेश ने संवाददाताओं से कहा, ‘एशियाई चैम्पियनशिप ट्राफी जीतना भारतीय सैनिकों को दिवाली का तोहफा है।
हमारी सीमाओं की रक्षा करने वाले भारतीय सैनिकों ने निश्चित तौर पर किसी अन्य पदक की तुलना में इस पदक का अधिक लुत्फ उठाया होगा।’ एशियाई चैम्पियनशिप ट्राफी के फाइनल में पाकिस्तान को हराने के निक्किन थिमैया के साथ श्रीजेश सोमवार (31 अक्टूबर) रात लगभग 11 बजकर 45 मिनट पर शहर के हवाई अड्डे पहुंचे।
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भारतीय गोलकीपर ने कहा, ‘सीमा पार के आतंकियों द्वारा उरी हमले में जान गंवाने वाले शहीद सैनिकों के परिजनों के लिए यह दिवाली का तोहफा भी है।’ पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में खेलते हुए भावनाओं के बारे में पूछने पर श्रीजेश ने कहा, ‘हां, पाकिस्तान के खिलाफ खेलते हुए भारतीय खिलाड़ियों के अंदर काफी भावनाएं होती हैं। हालांकि आज कल ध्यान मैदान के बाहर के मुद्दों से अधिक मैदानी संघर्ष पर होता है।’ श्रीजेश ने साथ ही कहा कि विवादों से बचने के लिए खिलाड़ी सोशल मीडिया से भी दूर रहते हैं विशेषकर जब भारत पाकिस्तान के खिलाफ खेल रहा हो।
