भारतीय जिम्नैस्ट दीपा कर्मकार ने जर्मनी के कोटबस में चल रहे कलात्मक जिम्नैस्टिक विश्व कप के तीसरे दिन वॉल्ट स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। त्रिपुरा की 25 वर्षीय दीपा ने 14.316 का स्कोर करके कांसे का तमगा हासिल किया। उन्होंने क्वॉलिफिकेशन में 16 जिम्नैस्टों में छठे स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई थी। ब्राजील की रेबेका एंड्रेड को स्वर्ण और अमेरिका की जेड कारे को रजत पदक मिला। दीपा ने तुर्की में जुलाई में हुए कलात्मक जिम्नैस्टिक विश्व चैलेंज कप में स्वर्ण पदक जीता था। घुटने की चोट के कारण वह एशियाई खेलों में वॉल्ट फाइनल नहीं खेल सकी थी। बैलेंस बीम वर्ग में दीपा का स्कोर 11.066 रहा था और वह 23वें स्थान पर रहीं। पुरुषों के वर्ग में राकेश पात्रा पैरलल बार क्वॉलिफिकेशन में 13,033 (5.3 + 7.733) स्कोर के साथ 29 जिम्नैस्टों के बीच 16वें स्थान पर रहे। पुरुष वॉल्ट के क्वॉलीफिकेशन दौर में आशीष कुमार भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए और 12.866 अंक लेकर 27 जिम्नैस्टों के बीच 23वें स्थान पर रहे। अरुणा रेड्डी पहले दिन घुटने में लगी चोट के कारण फ्लोर स्पर्धा में भाग नहीं ले पायी।
बता दें कि इसी साल दीपा कर्माकर जकार्ता में हुए 18वें एशियाई खेलों में पदक से चूक गईं थी। दीपा बैलेंस बीम में पांचवें स्थान पर रहीं। दीपा ने 12.500 का स्कोर करते हुए पांचवें स्थान पर रहीं। वह एक समय कांस्य की दौड़ में थीं, लेकिन चीन की जिन झांग और उत्तरी कोरिया की सु जोंग किम ने शानदार प्रदर्शन कर दीपा से पदक जीतने का मौका छीन लिया था।
वहीं जोंग ने 13.400 का स्कोर किया और रजत पदक अपने नाम करने में सफल हीं। वहीं झांग ने 13.325 का स्कोर करते हुए कांस्य पर कब्जा जमाया। स्पर्धा का स्वर्ण चीन यिले चेन के नाम रहा जिन्होंने 14.600 का स्कोर किया। चौथे स्थान पर जापान की शिहो नाकाजी रहीं। नाकाजी ने 12.600 का स्कोर किया था।


