भारत में महिला मुक्केबाजी में पहली बार पूर्व विश्व चैम्पियन और एशियाई खेलों की कांस्य पदकधारी एल सरिता देवी ने पेशेवर बनने का फैसला किया है लेकिन अगर भारतीय मुक्केबाजी महासंघ उन्हें अनुमति दे तो वह एमेच्योर सर्किट को भी नहीं छोड़ना चाहती हैं। कई बार की एशियाई चैम्पियन ने देश में पेशेवर मुक्केबाजों के लिये लाइसेंस हासिल करने वाली संस्था भारतीय मुक्केबाजी परिषद (आईबीसी) के व्यावसायिक साझेदार ‘स्पोर्टी बाक्सिंग प्राइवेट लिमिटेड’ के साथ दो साल के करार पर हस्ताक्षर किये।
लाइटवेट (60 किग्रा) मुक्केबाज सरिता ने कहा, ‘मैं लंबे समय से एमेच्योर सर्किट में भाग लेती रही हूं, एक दशक से ज्यादा, मैंने ओलंपिक को छोड़कर सभी स्पर्धाओं में पदक जीते हैं। अब मुझे लगता है कि मैं कुछ नये की कोशिश करना चाहती थी इसलिये मैंने पेशेवर बनने का फैसला किया।’ इस मणिपुरी मुक्केबाज ने कहा, ‘मैं खुद को चुनौती देना चाहती थी और पेशेवर बनना लंबे समय से मेरे दिमाग में था। अगले साल महिलाओं के लिये कोई एमेच्योर प्रतिस्पर्धा नहीं है लेकिन मैं 2018 एशियाई खेलों में खेलना चाहती थी ताकि मेरे साथ 2014 में जो गलत हुआ था, उसे सही कर सकूं।’

