एएफसी फुटबॉल कप के आखिरी मुकाबले में इराक के एयर फोर्स क्लब ने बेंगलूरू एफसी को 0-1 से हरा दिया। इस तरह से बेंगलूरू एफसी कोई एशियाई खिताब जीतने वाला पहला भारतीय फुटबॉल क्लब बनने से चूक गया। आई-लीग चैंपियन बेंगलूरू क्लब एएफसी कप के फाइनल में पहले भी पहुंच चुका है और वह नया रिकॉर्ड बनाने की कोशिश में था लेकिन कतर स्पोर्ट्स क्लब स्टेडियम में उसे इराक के क्लब के हाथों हार का सामना करना पड़ा। खासतौर पर दूसरे हाफ में इराकी टीम को बेंगलूरू की तुलना में स्कोर जुटाने के अधिक मौके मिले। इराकी क्लब के स्टार स्ट्राइकर हमादी अहमद अब्दुल्ला ने 71वें मिनट में गोल करके अपनी टीम को पहला एएफसी कप दिलाया और भारतीय प्रशंसकों को मायूस कर दिया।

आपको बताते चलें कि एएफसी कप फुटबॉल टूर्नामेंट एशिया में दूसरे स्तर की सबसे बड़ी फुटबॉल क्लब प्रतिस्पर्धा है। बेंगलुरु फुटबॉल क्लब के खिलाफ एएफसी कप के विजेता बने इराक के एयरफ़ोर्स फुटबॉल क्लब की तरफ से एक मात्र गोल हम्मादी अहमद ने किया था। यह गोल एयरफ़ोर्स फुटबॉल क्लब की तरफ से मुकाबले के 71वें मिनट में बनाया गया था। मुकाबले के आखिर में इराक के एयर फोर्सक्लब ने भारतीय प्रशंसको के चेहरों से हंसी को छीन लिया और उनको मायूस कर दिया। इससे पहले बेंगलुरु फुटबॉल क्लब ने टूर्नामेंट के सेमी फाइनल में मलेशिया के ज़ोहर दारुल ताज़िम क्लब को 4-2 से हराकर एएफसी कप फुटबॉल टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में अपनी जगह मुक़म्मल की थी।

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अगर बेंगलुरु फुटबॉल क्लब दोहा में आयोजित हुए एएफसी कप के आखिरी मुकाबले में इराक के एयरफ़ोर्स फुटबॉल क्लब को पराजित करने में कामयाब हो जाता तो यह पहला ऐसा मौका होता जब कोई भी भारतीय फुटबॉल क्लब एएफसी कप के फुटबॉल टूर्नामेंट को अपने नाम कर पाता। खिताब जीतने वाली ईराकी क्लब को ईनाम के तौर पर दस लाख डॉलर का पुरस्कार मिला जबकि उपविजेता बेंगलुरु एफसी को पांच लाख डॉलर मिला।