भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज मुरली विजय को विजय हजारे ट्रॉफी के बाकी मैचों के लिए तमिलनाडु की टीम में जगह नहीं मिली है। विजय गुरुवार (8 फरवरी) को मुंबई के खिलाफ हुए मैच के लिए मैदान पर नहीं पहुंचे और इसके लिए उन्होंने ‘कंधे की चोट’ को वजह बताया। इसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। तमिलनाडु क्रिकेट संघ (टीएनसीए) ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि संघ, चयन समिति और टीम के फिजियो को विजय के चोटिल होने की कोई जानकारी नहीं है।
ईएसपीएन क्रिकइन्फो ने टीएनसीए के एक शीर्ष अधिकारी के हवाले से बताया कि गुरुवार सुबह 7.30 बजे विजय एसएसएन कॉलेज के मैदान पर नहीं पहुंचे और मैच शुरू होने से महज डेढ़ घंटे पहले कोच ऋषिकेश कानिटकर को अपने चोटिल होने की जानकारी दी। विजय हजारे ट्रॉफी के इस सत्र में विजय (33) गुजरात और गोवा के खिलाफ पहले दो मैचों में तमिलनाडु के लिए खेले। उनकी जगह बल्लेबाज प्रदोष रंजन पॉल को टीम में शामिल किया गया है।
टीएनसीए पिछले कुछ समय से विजय के बर्ताव से नाखुश है। एक अधिकारी ने कहा, “अचानक, अंतिम समय में उनकी जगह किस खिलाड़ी को टीम में शामिल करें? विजय ना ही मैदान पर पहुंचे और ना ही उन्होंने चयनकर्ताओं को अपनी चोट के बारे में बताया। यह बहुत निराशाजनक है।”
टीएनसीए के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, “यह पहली बार नहीं है जब ऐसा हुआ है। चयनकर्ता विजय के व्यवहार के कारण उन्हें रणजी ट्रॉफी टीम में भी शामिल नहीं करना चाहते हैं।” हालांकि अधिकारी ने बताया कि टीएनसीए ने अभी तक किसी प्रकार की अनुशासनिक कार्रवाई शुरू नहीं की है।
मुरली विजय के अंतर्राष्ट्रीय करियर पर नजर डालें ने 56 टेस्ट मैचों की 96 पारियों में 40.02 की औसत से 3802 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 11 शतक और 15 अर्धशतक लगाए हैं। वहीं 17 वनडे मैचों में विजय महज 21.19 के एवरेज से 339 रन बना सके। टी20 मुकाबलों की बात करें तो इस दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 9 मुकाबलों में 169 रन बनाए।



