भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। मंगलावर (6 मार्च) को पत्नी हसीन जहां ने उन पर उत्पीड़न करने और अवैध संबंधों के आरोप लगाए। इसके अगले ही दिन बीसीसीआई ने उन्हें सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया है। अब शमी को सालाना मिलने वाली रकम नहीं मिलेगी। शमी टॉप-40 की लिस्ट से बाहर किए गए हैं। बीसीसीआई के एक आला अधिकारी ने कहा कि “शमी का मामला गंभीर है। हम भी इस पर गंभीर हैं। क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं खेलते हैं। वो एंबेसेडर भी होते हैं। इसलिए उनसे ऐसे व्यवहार की उम्मीद नहीं की जाती।”
बता दें कि शमी की पत्नी हसीन जहां ने अपने फेसबुक अकाउंट पर व्हाट्सएप और फेसबुक मेसेंजर पर विभिन्न महिलाओं के साथ की गई शमी की बातचीत का स्क्रीनशॉट पोस्ट किया था। उन्होंने उन महिलाओं की तस्वीरें और फोन नंबर भी अपलोड किए। हसीन जहां ने आरोप लगाया कि शमी के परिवार के सदस्यों ने उनकी हत्या करने की कोशिश भी की।
हसीन जहां ने कहा, “उनके परिवार में हर व्यक्ति मुझे प्रताड़ित करता था। उनकी मां और भाई भी मेरे साथ दुर्व्यवहार करते थे। यह मारपीट सुबह के 2-3 बजे तक चलती थी। वे मेरी हत्या भी करना चाहते थे। मैंने उन्हें (सुधरने का) बहुत समय दिया और खुद को शांत रखने की काशिश की लेकिन अपनी गलतियां स्वीकार करने के बजाया, वह अपना गुस्सा मुझ पर निकालते थे और यहां तक कि उन्होंने मुझे धमकी भी दी कि चुप रहने में ही मेरी बेहतरी है।”
हसीन जहां के वकील जाकिर हुसैन ने कहा कि हसीन जहां को अभी भी उम्मीद है कि कानूनी कार्रवाई करने से पहले शमी बदल जाएंगे। हुसैन ने बताया, “वह इस मामले को कुछ समय दे रही हैं। इसलिए हम कानूनी कार्रवाई करने से पहले इंतजार करेंगे।”
हालांकि मोहम्मद शमी ने इन आरोपों को खारिज किया है। शमी ने ट्वीट किया, “यह जितनी भी न्यूज हमारी निजी जिंदगी के बारे में चल रही है, ये सब सरासर झूठ है, ये हमारे खिलाफ बहुत बड़ी साजिश है और यह मुझे बदनाम करने और मेरा गेम खराब करने की कोशिश की जा रही है।”



