भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन की गिनती शांत स्वभाव वाले कप्तानों में होती थी। हालांकि, एक बार वह मैदान पर ही नवजोत सिंह सिद्धू पर गुस्सा हो गए थे। अजहरुद्दीन ने यह बात खुद एक टीवी शो में बताई थी।
अजहर का कहना था कि मैच में सिद्धू अजीब तरह की हरकतें कर रहे थे। उस शो में दिग्गज गेंदबाज और पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान वसीम अकरम भी मौजूद थे। उन्होंने हमवतन सईद अनवर पर बहानेबाजी करने का आरोप लगाया था।
टीवी शो के दौरान अजहरुद्दीन ने अपने समय में शारजाह में होने वाले टूर्नामेंट्स का जिक्र किया। अजहर ने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘नवजोत सिंह सिद्धू बहुत जबर्दस्त फील्डिंग करते थे। वह या तो थर्ड मैन पर फील्डिंग करते थे या फाइन लेग पर।’
अजहर ने बताया, ‘वह कभी पास में फील्डिंग के लिए नहीं खड़े होते थे। इस कारण कभी कभी मुश्किल हो जाती थी।’ अजहर ने एक मैच का जिक्र करते हए कहा, ‘मैं दूसरी स्लिप पर फील्डिंग कर रहा था। वह (नवजोत सिंह सिद्धू) लॉन्ग मिड-ऑन पर रहता था। वहां से इशारे करते रहता था।
अजहर ने कहा, ‘दूर से ही हौसलाअफजाई करता था। पास आकर फील्डिंग नहीं करता था।’ अजहर ने बताया, ‘एक बार मुझे उन पर बहुत गुस्सा आया। मैंने उनको सिली पॉंइट पर लगा दिया। हालांकि, सिली पॉइंट से भी वह धीरे-धीरे पीछे हट जाता था।’
अजहर ने बताया कि उसके बाद ही उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू का नाम जोंटी सिद्धू रख दिया था। अजहर ने यह भी कहा, ‘यही नहीं, अगर वह 90 रन पर पहुंच जाता था, तब समझ लो 12वें नंबर के खिलाड़ी (रनर के लिए) को रेडी कर दिया जाता था, क्योंकि वह बहाने बनाने लगता था।’
अजहर ने बताया, ‘वह जैसे ही 90 पर पहुंचता था, तुरंत अपना पैर पकड़ लेता था। कहने लगता था कि बहुत खिंच रहा है।’ अजहर ने पाकिस्तान के साथ हुए एक मैच की घटना बताते हुए कहा, ‘उस मैच में तो 85 रन के बाद ही उसने पैर पकड़ने शुरू कर दिया था। ऐसे बहाने बना रहा था कि जैसे बिल्कुल मैदान पर ही गिर जाएगा।’
अजहर की बात सुनने के बाद वसीम अकरम बोले, ‘क्रिकेट में रेफरी क्यों आए। सईद अनवर की वजह से आए हैं। वह हर 100 के बाद ऐसे पैर पकड़कर ही बैठ जाता था। पहले टीम कप्तानों की मीटिंग होती थी। उसमें रेफरी भी होता था। हर रेफरी पहले ही कप्तान से कह देता था कि सईद अनवर को रनर नहीं मिलेगा। सबको पता था कि ये 100 करने के बाद रनर मांगेगा।’ अकरम ने कहा, सॉरी सईद, लेकिन यही सच है।
