सर्वश्रेष्ठ – हर फुटबॉल खिलाड़ी के साथ यह शब्द नहीं जुड़ सकता। लेकिन दुनिया में आज दो फुटबॉलर ऐसे हैं जिनकी कलाकारी ऐसी गजब की है कि उसके सामने सभी नतमस्तक हैं। ये खिलाड़ी हैं अर्जेंटीना के लियोनल मेस्सी और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो। बीते सप्ताह दोनों सम्मानित हुए। फ्रांस की फुटबॉल मैगजीन ने जहां पेरिस में बैलोन डी ओर गोल्डन बॉल के लिए मेस्सी को चुना तो वहीं क्रिस्टियानो रोनाल्डो इतालवी लीग के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर बने।
गोल्डन बॉल पाने की होड़ एक दशक से भी ज्यादा समय से मेस्सी और रोनाल्डो के बीच चल रही है। 2008 के बाद सिर्फ 2018 ऐसा साल था जब बैलोन डी ओर अवार्ड इन दोनों में से किसी को भी नहीं मिला। दोनों के खाते में पांच-पांच गोल्डन बॉल थी। लेकिन इस बार श्रेष्ठता का सिक्सर लगाकर मेस्सी आगे निकल गए हैं।
होड़ शुरू हुई 2008 में जब रोनाल्डो पहली बार बैलोन डी ओर गोल्डन बॉल जीतने में सफल रहे। लेकिन अगले चार साल (2009 से 2012) जादू मेस्सी का चला और उन्हें इस अवार्ड से नवाजा गया। फिर दमदार प्रदर्शन की बारी रोनाल्डो की थी। अगले पांच में से चार साल यह सम्मान रोनाल्डो के नाम गया। रोनाल्डो 2013, 2014, 2016 और 2017 में गोल्डन बॉल के विजेता बने। जो ब्रेक 2015 में आया उसमें बाजी मेस्सी मार गए। अब चार साल बाद अर्जेंटीना के सुपर स्टार ने ग्रैंड वापसी की।
मेस्सी की रेकार्ड छठी सफलता इस बात को दर्शाती है कि उनके खेल का जादुई टच अभी बना हुआ है। बेशक राष्ट्रीय टीम अर्जेंटीना और क्लब एफसी बार्सीलोना में उनको कुछ मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा। लेकिन यह भी सच है कि उनके गोलों की बदौलत टीम को विजयश्री मिली। खास तौर पर बार्सीलोना क्लब के लिए। जब टीम का प्रदर्शन गड़बड़ाता है तो शुरू होता है निराशा का दौर। ऐसे में उस दौर से निकलना चुनौती भरा होता है। पिछले साल कोपा अमेरिका के सेमी फाइनल में ब्राजील के हाथों अर्जेंटीना की हार चुभने वाली थी। फिर तीसरे स्थान के लिए चिली के साथ मुकाबले में संचालन को लेकर की गई टिप्पणी मेस्सी को भारी पड़ी। और निलंबन भुगतना पड़ा। पर इसका असर मेस्सी ने 2019 में नहीं पड़ने दिया। मैदान पर उपस्थिति का अहसास कराकर उन्होंने श्रेष्ठता साबित की।
इस बार रोनाल्डो नहीं, लिवरपूल के लिए खेलने वाले डच खिलाड़ी वर्जिल वान दिज्क उनके लिए चुनौती बने। मात्र सात अंकों से दिज्क बैलोन डी ओर गोल्डन बॉल पाने से रह गए। महाद्बीपीय वोटों में जहां लियोनेल मेस्सी को 686 वोट मिले, वहीं दिज्क को 679 वोट प्राप्त हुए। यूरोप और एशिया में वोटों के मामले में दिज्क आगे रहे लेकिन अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, उत्तरी अमेरिका मेस्सी के पक्ष में रहे। पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो तो 476 वोट पाकर इस दौड़ में बुरी तरह पिछड़ गए। खैर, दिज्क ने स्वीकारा कि मेस्सी एक महान खिलाड़ी हैं। उनकी महानता को सलाम किया जाना चाहिए। कोई तो है जो आपसे बेहतर है। फुटबॉल वैसे तो टीम गेम है पर मैच खिलाड़ी विशेष के कौशल से भी जीते जाते हैं। इसके गवाह हैं मेस्सी और रोनाल्डो। यह कोई नई बात नहीं। बीते समय में पेले, माराडोना, प्लातीनी, रोनाल्डो, मार्को वान बेस्टन जैसे खिलाड़ी अपनी राष्ट्रीय टीमों के लिए मैच जिताऊ साबित हो चुके हैं। मौजूदा समय में टीम में मेस्सी और रोनाल्डो की उपस्थिति को सफलता से जोड़ा जा सकता है। इस साल बार्र्सीलोना मेस्सी की कप्तानी में लगातार तीसरी बार ला लीगा चैंपियन बना। कुल मिलाकर मेस्सी के नाम दस ला लीगा खिताब हो गए हैं।
टीम उनकी खूबियों को अच्छी तरह जानती है। अगर अधिकांश समय मैच में मेस्सी आॅफ कालर भी दिख रहे हों तो उनमें किसी भी क्षण अपने खेल स्तर को उठाकर मैच का नक्शा बदलने की क्षमता है। गोल बनाने की कला में वह फ्री किक का भी बखूबी इस्तेमाल करते हैं। मेस्सी के पास कलाकारी है, गेंद नियंत्रण है, गति के साथ गेंद को लेकर बढ़ना, पासों को लेना-देना और स्वार्थरहित खेल से गोल बनाना और बनवाना जैसी कलाओं से वह पूर्ण खिलाड़ी दिखते हैं।
मेस्सी ने अपने खेल स्तर को बनाए रखा है। पर उनकी टीम बार्सीलोना का स्तर गिरा है। इससे मेस्सी पर काफी बोझ आ गया है। पर इसके बावजूद मेस्सी बार्सीलोना क्लब के इतिहास के सबसे कामयाब खिलाड़ी हैं। उन्होंने क्लब की ओर से उप ट्रॉफियां जीती हैं। बार्सीलोना के लिए सर्वाधिक 346 मैच जीतने का रेकार्ड भी उन्हीं के नाम है। 2019 में 54 मैचों में उन्होंने 46 गोल बनाए। क्लब की ओर से बने 17 गोलों में उनकी भूमिका रही। उनकी पत्नी की सीख है – सपने लेना कभी मत छोड़ो। हमेशा खेल को बेहतर करने पर ध्यान दो और पूरा मजा लूटो।
