भारत को कम नकदी वाला देश बनाने के लिए महेंद्र सिंह धोनी मास्टरकार्ड के साथ मिलकर कैश-टू-डिजिटल अभियान के जरिये डिजिटल भुगतान के बारे में जागरूकता फैलाएंगे। कंपनी ने बुधवार को यह जानकारी दी और कहा कि इस अभियान का उद्देश्य सुविधा, व्यापक स्वीकृति और डेबिट कार्ड के बचाव और सुरक्षा के बारे में उपभोक्ताओं और व्यापारियों को शिक्षित करना है। महेंद्र सिंह धोनी ने इस बारे में कहा, “एक छोटे से शहर रांची का निवासी होने पर मुझे गर्व है और मैंने पूरी दुनिया घूमी है इसलिए मैं बेहतर एवं सुरक्षित भुगतान के महत्व को समझता हूं, जो आज की डिजिटल अर्थव्यवस्था में जीने, काम करने और खेलने के लिए आत्मविश्वास पैदा करती है। मैं भारत सरकार के एक डिजिटली सशक्त, जुड़े हुए और समझदार समाज निर्माण के लक्ष्य को समर्थन देने के लिए मास्टरकार्ड के साथ जुड़कर काफी उत्साहित हूं।”
मास्टरकार्ड के डिवीजन प्रेसिडेंट (दक्षिण एशिया) पोरुश सिंह ने कहा, “महेंद्र सिंह धोनी के रूप में मास्टरकार्ड ने इरफान खान के अलावा एक नया भागीदार पाया है, जो लेस-कैश इंडिया के लिए हमारे प्रयासों को दर्शाता है। यह गठबंधन डिजिटल भुगतान को अंतिम छोर तक पहुंचाने के मास्टडरकार्ड की प्रतिबद्धता को उजागर करता है और एमएसडी एक प्रगतिशील और अभिनव भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। एमएसडी का प्रभाव उन लोगों के बीच व्यवहारिक बदलाव लाने में प्रमुख भूमिका निभाएगा, जो अभी भी नकदी को प्राथमिकता देते हैं या डिजिटल लेनदेन के बारे में कुछ गलत धारणाएं हैं।”
कैश-टू-डिजिटल अभियान को टियर-2 और टियर-3 शहरों में उपभोक्ता और व्यापारी जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। भारत में लगभग 95 प्रतिशत रिटेल भुगतान अभी भी नकद में होता है और यह महानगरों से परे डिजिटल भुगतान के विकास के लिए एक गुंजाइश प्रदान करता है।
मास्टरकार्ड के चीफ मार्केटिंग और कम्यूनिकेशंस ऑफिसर राजा राजामन्नार ने कहा, “हम हमेशा उपभोक्ताओं के जुनून बिंदुओं को छूने की वकालत करते हैं और भारत में, क्रिकेट से ज्यादा किसी और चीज का जुनून नहीं है। हमें भरोसा है कि हमारी भागीदारी कैश-टू-डिजिटल भुगतान के प्रति हमारे प्रयासों को और शक्तिशाली ढंग से लागू करेगी और इन्हें अगले स्तर पर ले जाएगी।

