भारतीय निशानेबाज अंजुम मौदगिल एयरलाइंस की लापरवाही के कारण ब्राजील के रियो डि जेनेरियो में हाल ही में खत्म हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में पदक जीतने से चूक गईं। वे जिस एयरलाइंस से रियो डि जेनेरियो के लिए रवाना हुईं थीं, उसने उनका सामान मिसप्लेस कर दिया था। इस कारण उन्हें रियो डि जेनेरियो में अभ्यास का पर्याप्त समय नहीं मिला। अंजुम इस वर्ल्ड कप में दिव्यांश सिंह पंवार के साथ 10 मीटर एयर मिक्स्ड एयर राइफल इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल तो रहीं, लेकिन व्यक्तिगत स्पर्धा में कोई पदक नहीं जीत पाईं।

टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अंजुम जब रियो में उतरीं तो उन्हें उनका सामान नहीं मिला। अंजुम ने बताया, मुझे तीन दिन तक मेरे इक्विप्मन्ट मुझे नहीं मिले और शायद इसी कारण मैं व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक जीतने से चूक गई। मैं ठीक से अभ्यास नहीं कर पा रही थी। मुझे लगता है कि इसकी कीमत मुझे पदक नहीं जीत पाने के तौर पर चुकानी पड़ी। मुझे लगता है कि यह सिर्फ मेरी बुरी किस्मत थी। मुझे अगली बार तैयार होना पड़ेगा, क्योंकि इस तरह की चीजें ओलंपिक के दौरान भी हो सकती हैं।

दिलचस्प बात यह है कि 10 मीटर एयर राइफल महिला वर्ल्ड रैंकिंग में शीर्ष 3 निशानेबाज भारतीय (अपूर्वी चंदेला, अंजुम मौदगिल और इलावेनिल वलारिवन) हैं। अंजुम और अपूर्वी 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में पहले ही ओलंपिक कोटा हासिल कर चुकी हैं। 25 साल की अंजुम ने कहा, ‘यह प्रतियोगिता कठिन हो रही है, लेकिन यह एक अच्छी बात भी है। यह आपको अच्छा करने के लिए प्रेरित करती है। मुझे लगता है कि रेंज में हम सभी पहले से ज्यादा साहस के साथ उतरते हैं। हम कठिन ग्रुप में हैं। हम एक दूसरे की सफलता का आनंद लेते हैं। हम सिर्फ अपने खुद के प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करते हैं।’

बर्मिंघम में 2022 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स से निशानेबाजी को बाहर कर दिया गया है। इसे लेकर भारतीय निशानेबाजी संघ ने काफी विरोध जताया है। भारतीय ओलंपिक संघ भी इसके विरोध में है। यहां तक कि बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स के बहिष्कार की भी मांग हो रही है। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन से कहा है कि यदि उसने निशानेबाजी को शामिल नहीं किया तो वह इन खेलों का बहिष्कार कर देगा। इस संबंध में अंजुम ने कहा, ‘जाहिर है, हम सभी निराश हैं, लेकिन इसके कारण अन्य खेलों को प्रभावित नहीं होना चाहिए। ऐसे खेल आयोजनों के लिए वे सभी बहुत मेहनत करते हैं। निशानेबाजी महासंघ और खेल मंत्री ने इस मुद्दे के बारे में सीडब्ल्यूजी समिति को लिखा है। उम्मीद है कि निशानेबाजों समेत पूरा भारतीय दल 2022 में बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में शिरकत करेगा।’