सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी की है कि रूस में 14 जून से शुरू होने वाले फुटबॉल विश्व कप के दौरान इस्लामिक स्टेट (आईएस) ग्रुप खतरा हो सकता है। पिछले साल के अंत से सोशल मीडिया पर खिलाड़ियों की विचलित करने वाली फोटो आनी शुरू हो गयी थी जिससे विश्व कप को लेकर चिंताएं शुरू हो गई थी।

आईएस का प्रचार करने वाली शाखा ‘वाफा मीडिया फाउंडेशन’ ने सुपरस्टार जैसे लियोनल मेस्सी और नेमार को डरावने परिचित नांरगी परिधान पहनाकर वीडियो डाले हुए थे। ऐसे परिधान पहनकर वे जमीन पर बैठे थे और चाकू उनके गले पर लगा हुआ था। इसमें दिया जाने वाला संदेश बिलकुल स्पष्ट था।

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पोस्ट में कहा गया , ‘‘जब तक हम मुस्लिम देशों में रह रहे हैं तब तक आप सुरक्षित नहीं रह सकते।’’ वेस्ट प्वाइंट के ‘कॉम्बेटिंग टेरेरिज्म सेंटर ’ (सीटीसी) की पिछले महीने प्रकाशित रिपोर्ट के लेखक ब्रायन ग्लिन विलियम्स और रोबर्ट ट्राय सूजा ने इस 14 जून से 15 जुलाई तक चलने वाले विश्व कप पर आईएस के खतरे पर लिखा , ‘‘ पिछले कुछ वर्षों में रूस में कई सफल आतंकी हमले हुए और आतंकवादियों की कई योजनाओं को विफल किया गया जो इस्लामिक स्टेट से जुड़े या प्रेरित थे। इससे लगता है कि शायद इस समूह के पास विश्व कप के दौरान रूस में आतंकी हमले कराने की कुव्वत है।

वॉशिंगटन सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के अनुसार रूस और पूर्व सोवियत मध्य एशिया से करीब 8500 जिहादी आईएस तथा क्षेत्र के अन्य जिहादी समूहों से जुड़े हैं।

हालांकि फ्रेंच इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल स्ट्रेटेजिक अफेयर्स के निदेशक पास्कल बोनीफेस का कहना है, ‘‘आंतकवादियों का खतरा अब सभी अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में होता है। ये टूर्नामेंट आतंकियों को आर्किषत करते हैं। रूस का सीरिया में हस्तक्षेप करना एक उत्तेजक कारक हो सकता है लेकिन इसके कारण यह समस्या नहीं हुई है। इसके बिना भी आंतकी खतरा बना रहेगा।’’