आईपीएल संभावनाओं का खेल है, जहां कोई भी टीम किसी भी दूसरी टीम को हरा सकती है। यहां हर टीम की अपनी कमजोरी और अपनी ताकत होती है। हालांकि अपने घरेलू मैदान पर अक्सर टीमें अपनी विपक्षी टीमों पर भारी पड़ती दिखाई देती हैं। लेकिन कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम इस मामले में थोड़ी ज्यादा आगे दिखाई देती है। इसका कारण है कोलकाता के मैदान पर जुटने वाली भारी भीड़ और इस भीड़ का अपनी टीम के लिए जबरदस्त समर्थन। शायद यही वजह है कि राजस्थान रॉयल्स की टीम इडेन गार्डंस पर कोलकाता के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाती है। बता दें कि साल 2008 से जब से आईपीएल की शुरुआत हुई है और अब तक राजस्थान रॉयल्स की टीम कोलकाता नाइटराइडर्स को उसके घरेलू मैदान इडेन गार्डंस पर नहीं हरा पायी है। बुधवार रात आईपीएल प्लेऑफ का एलिमिनेटर मैच भी इसका अपवाद नहीं रहा। जहां कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम ने राजस्थान रॉयल्स को एक बार फिर पटखनी दे दी।
आईपीएल शुरु होने के इतने साल बाद भी कोलकाता की टीम का राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपने घरेलू मैदान पर अजेय रहना बड़ी बात है। राजस्थान की टीम ने बुधवार शाम खेले गए मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, जो कहीं ना कहीं गलत साबित हुआ। वहीं इस मैच में हार के बाद जहां राजस्थान का इस आईपीएल में सफर खत्म हो गया, वहीं कोलकाता की टीम खिताब की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गई है। बता दें कि अब कोलकाता का मुकाबला 25 मई को इडेन गार्डंस पर सनराइजर्स हैदराबाद के साथ होगा। इस मैच का विजेता 27 मई को होने वाले आईपीएल के फाइनल में चेन्नई सुपरकिंग्स से भिड़ेगा।
बुधवार शाम खेले गए मैच में कोलकाता की तरफ से कप्तान दिनेश कार्तिक और आंद्रे रसेल हीरो रहे, वहीं गेंदबाजी में कोलकाता के स्पिनरों पीयूष चावला और कुलदीप यादव ने बताया कि क्यों कोलकाता की स्पिन गेंदबाजी को बेहद मजबूत माना जाता है। दोनों गेंदबाजों ने बेहद किफायती गेंदबाजी करते हुए मिलकर 3 विकेट चटकाए। वहीं दूसरी तरफ राजस्थान की तरफ से संजू सैमसन ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 50 रन बनाए। संजू के अलावा कप्तान अजिंक्य रहाणे ने भी 46 रनों की पारी खेली। हालांकि इन दोनों के अलावा राजस्थान को कोई और बल्लेबाज नहीं चल सका और टीम 25 रनों से यह मुकाबला हारकर आईपीएल से बाहर हो गई।

