बॉल टैंपरिंग कांड में दोषी पाए जाने पर स्टीव स्मिथ और बैनक्रॉफ्ट पर आईसीसी ने पहले मैच फीसदी का क्रमश: 100 और 75 फीसदी का जुर्माना लगाया था। इस बात पर भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह काफी भड़क गए थे। यहां तक कि उन्होंने ट्वीट करते हुए 2001 के दक्षिण अफ्रीका टेस्ट का जिक्र किया। उस वक्त पांच भारतीयों सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, सौरव गांगुली, शिवसुंदर दास, दीपदास गुप्ता और उन पर मैच रैफरी माइक डेनिस ने विभिन्न अपराधों में कम से कम एक टेस्ट का प्रतिबंध लगाया था।

हरभजन ने उस समय इन खिलाड़ियों पर बैन की मांग करते हुए ट्वीट किया, “वाह आईसीसी वाह! फेयरप्ले… बेनक्रोफ्ट पर कोई प्रतिबंध नहीं, जबकि सारे सबूत थे। वहीं 2001 में दक्षिण अफ्रीका में जोरदार अपील करने के कारण हम छह पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और वह भी बिना सबूत के।और सिडनी 2008 तो याद होगा। दोषी साबित नहीं होने पर भी तीन टेस्ट का प्रतिबंध। अलग-अलग लोग, अलग-अलग नियम।”

हालांकि अब हरभजन ने यू-टर्न ले लिया है। हरभजन ने अपने अगले ट्वीट में सजा पर नरमी बरतने की अपील करते हुए लिखा- “बॉल टैंपरिंग पर एक साल का बैन? ये मजाक है… उन्होंने किस तरह का जुर्म किया? किसी को खेल से एक साल के लिए दूर करना नासमझी है… यदि बैन 1 या 2 टेस्ट सीरीज का होता तो समझ भी आता लेकिन ये हास्यास्पद है… क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया बैन को कम करो…”

केपटाउन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए मैच में ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज कैमरून बैनक्रॉफ्ट को गेंद से छेड़खानी करते हुए कैमरे में कैद किया था। इसके बाद स्टीव स्मिथ और बैनक्रॉफ्ट ने गेंद से छेड़खानी की बात को कबूल किया। इस विवाद में वॉर्नर का भी नाम आया, जिसे पूरे प्रकरण का मास्टरमाइंड माना गया। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने स्मिथ और वॉर्नर पर 12-12, जबकि बैनक्रॉफ्ट पर नौ महीनों का प्रतिबंध लगाया। इसी विवाद के कारण वॉर्नर और स्मिथ को बीसीसीआई ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) सीजन-11 से भी बाहर कर दिया।