भारतीय महिला टीम की पेसर क्रांति गौड़ के पिता मुन्ना सिंह की नौकरी को मध्य प्रदेश पुलिस में बहाल कर दिया गया है। उन्हें 2012 में कांस्टेबल की नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया था। सूब के खेल मंत्री विश्वास सारंग ने इसकी जानकारी दी। मध्य प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात मुन्ना सिंह को 2012 में चुनाव ड्यूटी के दौरान कथित लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया था।

सारंग ने सोमवार (5 दिसंबर) को एक बयान में कहा कि पिछले 13 सालों से लंबित यह मामला अब मुख्यमंत्री मोहन यादव की पहल पर सुलझ गया है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने मुन्ना सिंह को बहाल कर दिया है। उन्होंने कहा, “यह फैसला न सिर्फ परिवार को राहत देता है, बल्कि यह सरकार की संवेदनशीलता, खिलाड़ियों के प्रति सम्मान और निष्पक्ष रवैये का एक साफ उदाहरण भी है।”

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वादा किया पूरा

सारंग ने बताया कि हाल ही में वर्ल्ड कप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद हुए सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रतिभावान क्रिकेटर क्रांति गौड़ को भरोसा दिलाया था कि उनके पिता की नौकरी वापस मिल जाएगी।

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क्रांति का सपना पूर

सारंग ने कहा कि सीएम यादव ने क्रांति गौड़ से किया वादा पूरा करके और उनके पिता को नौकरी पर वापस रखकर एक बार फिर संवेदनशील और मानवीय रवैया दिखाया है। उन्होंने कहा, “इस फैसले से न सिर्फ क्रांति गौड़ के परिवार को आर्थिक और सामाजिक सहारा मिला है, बल्कि क्रांति का अपने पिता को पुलिस यूनिफॉर्म में सम्मान के साथ रिटायर होते देखने का सपना भी पूरा हुआ है।”

पीटीआई इनपुट से खबर