Ind vs SL: श्रीलंका ने हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ (एचपीसीए) स्टेडियम में खेले गए पहले वनडे मैच में रविवार को भारत को सात विकेट से हरा तीन वनडे मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली। श्रीलंकाई कप्तान थिसारा परेरा के नेतृत्व में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी और सभी की उम्मीदों से उलट एक-एक कर भारत के मजबूत बल्लेबाजी क्रम को ताश के पत्तों की तरह गिरा दिया। मेजबान टीम 38.2 ओवर में 112 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। इस स्कोर में 65 रन अकेले महेंद्र सिंह धोनी के थे। इस आसान से लक्ष्य को श्रीलंका ने 20.4 ओवरों में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया।
मेहमान टीम के लिए उपुल थरंगा ने 49 रन बनाए। पूर्व कप्तान एंजेलो मैथ्यूज 25 रन और निरोशन डिकवेला 26 रन बनाकर नाबाद लौटे। मेहमान टीम की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही और जसप्रीत बुमराह ने दानुष्का गुणाथिलका को विकेट के पीछ धोनी के हाथों कैच कराया। लाहिरू थिरिमाने को भुवनेश्वर कुमार ने खाता भी नहीं खोलने दिया। अर्धशतक से एक रन दूर थरंगा को हार्दिक पांड्या ने शिखर धवन के हाथों कैच कराया। वह 65 के कुल स्कोर पर आउट हुए। यहां से मैथ्यूज और डिकवेला ने चौथे विकेट के लिए 49 रनों की साझेदारी करते हुए टीम को जीत दिलाई।
पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के बल्लेबाजों का शानदार विकेट पर पांव जमाना मुश्किल हो गया। एक के बाद एक विकेट गिरते चले गए और स्टेडियम में मौजूद प्रशंसक निराश होते गए। एक समय भारत के लिए 50 का आंकड़ा पार करना भी मुश्किल लग रहा था।
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— Baahubali (@bahubalikabadla) December 10, 2017
टीम इंडिया ने अपने सात विकेट 29 रनों के कुल स्कोर पर खो दिए थे लेकिन संकटमोचक धोनी ने अहम समय पर 87 गेंदों में 10 चौके और दो छक्कों की मदद से 65 रनों की पारी खेलते हुए बेहद शर्मनाक स्थिति में जाने से किसी तरह बचा लिया। भारत की पूरी पारी में यही दो छक्के लगे। वहीं धोनी को छोड़ पूरी टीम महज 7 ही बाउंड्री लगा सकी।
बता दें कि वनडे की एक पारी में सबसे कम स्कोर जिम्बाब्वे के नाम है। श्रीलंका ने ही उसे 24 अप्रैल 2004 में हरारे में 35 रनों पर समेट दिया था। भारत का न्यूनतम स्कोर भी श्रीलंका के खिलाफ है। श्रीलंका ने ही शारजाह में 29 अक्टूबर 2000 को भारत को 54 रनों पर ढेर कर दिया था।


