दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया बेहतर स्थिति में है। इसकी मुख्य वजह कप्तान कोहली की ‘विराट’ पारी है। कोहली पहली पारी में 254 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने जब भारतीय पारी घोषित की तब टीम इंडिया का स्कोर 5 विकेट पर 601 रन था। रविंद्र जडेजा के शतक के चूकने के बाद ही उन्होंने दक्षिण अफ्रीका को बल्लेबाजी करने का मौका देने का फैसला लिया। विराट के इस फैसले की सोशल मीडिया पर काफी तारीफ हो रही है। यूजर्स उन्हें महान क्रिकेटर बता रहे हैं। उनका कहना है कि टीम हित में विराट ने अपने तिहरे शतक की परवाह नहीं की।

हालांकि, कुछ फैंस का यह भी कहना है कि विराट को तिहरा शतक बनाना चाहिए था। विराट ने जब पारी घोषित की तब दूसरे दिन करीब एक घंटे का खेल बचा था। वे 254 रन पर थे। वे जिस अंदाज में खेल रहे थे, उसे देखकर कहा जा सकता था कि तिहरा शतक ठोकना भी कोई बड़ी बात नहीं है। हालांकि, विराट का पारी घोषित करने का फैसला सही साबित हुआ। भारत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 15 ओवर गेंदबाजी की और उसके तीन अहम खिलाड़ियों को पवेलियन की राह दिखा दी। दूसरे दिन का खेल खत्म होने के समय दक्षिण अफ्रीका 3 विकेट पर 36 रन बनाकर फॉलोऑन बचाने के लिए संघर्ष करती दिख रही थी। उसे फॉलोऑन बचाने के लिए अभी 366 रनों की और जरूरत है। वह पहली पारी के आधार पर अभी 565 रन पीछे है।

कोहली के इस तरह पारी घोषित करने से कुछ फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञ निराश भी हैं। उनकी दलील है कि एक क्रिकेटर को अपने करियर में ऐसे मौके बहुत कम ही मिलते हैं, जब वह तिहरे शतक के करीब हो और अच्छी लय में बल्लेबाजी कर रहा है। ऐसे में कोहली को अपने पहला तिहरा शतक बनाने की कोशिश करनी चाहिए थी।

बता दें कि भारत की ओर से अब तक सिर्फ दो बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग और करुण नायर ही टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक ठोक पाए हैं। वास्तव में सिर्फ 4 बल्लेबाजों ने ही एक पारी में कोहली से ज्यादा रन का स्कोर किया है। वे हैं वीरेंद्र सहवाग, करुण नायर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण। वहीं, कुछ फैंस ने 2004 में मुल्तान टेस्ट की याद दिलाई। तब राहुल द्रविड़ के पारी घोषित करने पर सचिन तेंदुलकर गुस्सा हो गए थे, क्योंकि वे उस समय 194 रन बनाकर खेल रहे थे।