भारत टी-20 सीरीज पर कब्जा करने के बाद इंग्लैंड से वनडे सीरीज हार गया। लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर सीरीज के आखिरी वनडे में इंग्लैंड ने भारत को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। टॉस जीतकर इंग्लैंड ने भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। भारतीय बल्लेबाज बड़ा स्कोर नहीं खड़ा कर सके और नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। अंत में भुवनेश्वर कुमार (21) और शार्दूल ठाकुर (नाबाद 22) के बीच आठवें विकेट के लिए हुई 35 रनों की साझेदारी भारत को सम्मानजनक स्कोर (256 रन) प्रदान करने में सफल रही। इंग्लैंड ने यह लक्ष्य 44.3 ओवरों में दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। इग्लैंड के लिए जोए रूट ने नाबाद 100 और कप्तान इयोन मोर्गन ने नाबाद 88 रनों की पारियां खेलीं। इंग्लैंड ने अपने घर में लगातार सातवीं वनडे सीरीज जीती है।
इंग्लैंड की पारी के दौरान भारत ने कई मौके गंवाए। 35वें ओवर में जो रूट 69 के निजी स्कोर पर बल्लेबाजी कर रहे थे। युजवेंद्र चहल के आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर धोनी ने स्टंप्स बिखेर दिए और स्टंपिंग की अपील की। मैदानी अंपायर ने थर्ड अंपायर को रिव्यू भेजा तो पता चला कि चहल की यह गेंद फ्रंट-फुट नो-बॉल थी। हालांकि धोनी ने अपना काम बेहद सफाई से किया था और गेंद सही होती तो भारत को रूट का विकेट मिल गया होता।
जेम्स विंस (27) और जॉनी बेयरस्टो (30) ने इंग्लैंड को तेज और मजबूत शुरुआत दी और पहले विकेट के लिए 43 रन जोड़े। ठाकुर ने सुरेश रैना के हाथों बेयरस्टो को कैच करा भारत को पहली सफलता दिलाई। 74 के कुल स्कोर पर इंग्लैंड ने अपना दूसरा विकेट विंस के रूप में खोया जो रन आउट हुए। इसके बाद कप्तान और रूट ने कोई और विकेट नहीं गिरने दिया। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 186 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को जीत दिलाई।
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MS Dhoni was quickly onto it but there was a twist to the tale. Yuzvendra Chahal had bowled a NO Ball #ENGvIND pic.twitter.com/1omqBf3hOu
— Deepak Raj Verma (@iconicdeepak) July 17, 2018
मोर्गन ने अपनी नाबाद पारी में 108 गेंदें खेलीं और नौ चौकों के अलावा एक छक्का लगाया। वहीं रूट ने 120 गेंदों का सामना किया। उनकी नाबाद पारी में 10 चौके लगाए। यह रूट का 13वां वनडे शतक है। उन्होंने दूसरे वनडे में भी 113 रनों की पारी खेली थी।

