एशिया कप 2018 के फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया के क्रिकेटर युजवेंद्र चहल की एक भूल कारण बांग्लादेश टीम के सलामी बल्लेबाज लिटन दास ने कई रिकॉर्ड कायम किए। लिटन दास जब 52 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर खेल रहे थे तब युजवेंद्र चहल के हाथों उनका कैच छूट गया था। इस जीवनदान के बाद लिटन दास का बल्ला नहीं थमा और वह किसी इंटरनेशनल क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में बाग्लादेश की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज और शतक ठोकने वाले भी पहले बांग्लादेशी बल्लेबाज बन गए। लिटन दास के बाद इस फेहरिस्त में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बांग्लादेशी बल्लेबाजों में सब्बीर रहमान, महमूदुल्लाह और शाकिब अल हसन शामिल हैं। सब्बीर रहमान ने 2012 के टी20 के फाइनल मुकाबले में भारत के खिलाफ 77 रन बनाए थे। महमूदुल्ला ने 2018 में वनडे के एक फाइनल मुकाबले में मीरपुर में श्रीलंका के खिलाफ 76 रन बनाए थे। 2012 में एक वनडे टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में मीरपुर में पाकिस्तान के खिलाफ शाकिब अल हसन ने 68 रन बनाए थे।
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लिटन दास की बल्लेबाजी की बदौलत पहली बार एशिया कप में बांग्लादेश की टीम से 120 रन बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड कायम करने में सफल रही। लिटन दास ने 117 गेंदों में 12 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 121 रन की शतकीय पारी खेली। लिटन दास के अलावा कोई भी बल्लेबाज टिक कर नहीं खेल सका। उनके अलावा मेहंदी हसन मिराज ने 32 रन और सौम्या सरकार 33 रन बनाकर टीम के स्कोर में खास योगदान कर पाए। इन तीन क्रिक्रेटरों के अलावा बांग्लादेश का कोई भी क्रिकेटर दहाई का आंकड़ा नहीं छू सका।
शानदार ओपनिंग साझेदारी के बावजूद पूरी बांग्लादेशी टीम भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के आगे 48.3 ओवरों में 222 रन पर ऑलआउट हो गई। भारतीय टीम की तरफ से सबसे ज्यादा कुलदीप यादव ने विकेट चटकाए। कुलदीप ने 10 ओवरों में 45 रन देकर 3 विकेट झटके। केदार जाधव ने 2, जसप्रीत बुमराह ने 1 और युजवेंद्र चहल ने 1 विकेट झटका।
