वैभव सूर्यवंशी ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन किया है। अंडर 19 विश्व कप 2026 से पहले उनका यह प्रदर्शन बेहद खास रहा है। साउथ अफ्रीका दौरे पर अंडर 19 यूथ वनडे सीरीज में वैभव ने तीन पारियों में 206 रन ठोके। उन्हें सीरीज में बतौर कप्तान पहली बार उतरते ही 3-0 से जीत मिली साथ ही प्लेयर ऑफ द सीरीज भी बने। अब सवाल है कि क्या वैभव की कप्तानी को जारी रखना चाहिए?
वैभव सूर्यवंशी को आयुष म्हात्रे की गैरमौजूदगी में भारतीय अंडर 19 टीम की कमान सौंपी गई थी। उन्होंने पहले मैच में सिर्फ 11 रन बनाकर निराश किया था। उसके बावजूद उनकी कप्तानी का जलवा देखने को मिला और भारत ने मैच जीत लिया। फिर दूसरे वनडे में उन्होंने 24 गेंद पर ताबड़तोड़ 68 रन ठोके। उसके बाद तीसरे वनडे में उन्होंने 74 गेंद पर 127 रन बनाए और टीम इंडिया की जीत की कहानी लिखी।
आयुष की जगह लेंगे वैभव?
अंडर 19 विश्व कप से पहले वैभव सूर्यवंशी का यह प्रदर्शन टीम इंडिया के लिए बड़ी खुशखबरी के समान है। सबसे अच्छी बात यह है कि वैभव ने बतौर कप्तान अपनी बल्लेबाजी पर असर नहीं पड़ने दिया। जबकि पिछली सीरीज उठाकर देखें तो अंडर 19 एशिया कप, अंडर 19 यूथ वनडे सीरीज इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में आयुष म्हात्रे का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था।
आयुष म्हात्रे ने अंडर 19 एशिया कप की पांच पारियों में 4, 38, 14, 7 और 2 रन बनाए थे। वह सभी पांच मैचों में फ्लाप रहे थे। उसके बाद उनको कप्तानी से हटाने के लिए आवाज भी उठी थीं। अंडर 19 विश्व कप के स्क्वाड में आयुष को ही कप्तान बनाया गया है। वह इस सीरीज में पूरी तरह फिट नहीं होने के कारण बाहर थे। अब वैभव का इस तरह का प्रदर्शन उनके ऊपर दबाव बना सकता है।
आयुष म्हात्रे अगर अंडर 19 विश्व कप में बतौर कप्तान आते हैं और उनके प्रदर्शन में खास सुधार नहीं दिखता है, तो वैभव को टूर्नामेंट के बाद अंडर 19 टीम इंडिया का कप्तान बनाया जा सकता है। फिलहाल वैभव ने साउथ अफ्रीका अंडर 19 के खिलाफ सीरीज में इसलिए कप्तानी की थी क्योंकि आयुष म्हात्रे और उपकप्तान विहान मल्होत्रा दोनों ही पूरी तरह फिट नहीं थे। विश्व कप के स्क्वाड में दोनों शामिल हैं। अगर दोनों फिट नहीं हो पाते हैं तो इसमें कोई दो राय नहीं हैं कि वैभव ही विश्व कप में कप्तानी करेंगे।
