Asia Cup Rising Stars: इंडिया ए ने सेमीफाइनल मुकाबले में बांग्लादेश ए के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन सुपर ओवर में खराब प्रदर्शन की वजह से जितेश शर्मा की टीम को हार मिली। मैच हारने के बाद इस बात पर सबसे ज्यादा बहस हो रही है कि आखिर सुपर ओवर में बैटिंग के लिए वैभव सूर्यवंशी को क्यों नहीं भेजा गया।
भारत ने सुपर ओवर में अपने दोनों विकेट बिना कोई रन बनाए गंवा दिया और बांग्लादेश की टीम को वाइड पर पर एक रन मिल गई और ये टीम फाइनल में पहुंच गई। वैभव अगर सुवर ओवर में आते तो कुछ कमाल हो सकता था, लेकिन उन्हें बैटिंग के लिए क्यों नहीं भेजा गया इसके बारे में टीम के कप्तान जितेश शर्मा ने मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में बताया।
जितेश शर्मा ने ली हार की जिम्मेदारी
जितेश शर्मा ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्या पावरप्ले में खेलने के मास्टर हैं और उन्हें सुपर ओवर में नहीं भेजा गया, लेकिन आशुतोष शर्मा और रमनदीप सिंह ऐसे खिलाड़ी हैं जो डेथ ओवर्स में अपनी मर्जी से हिट कर सकते हैं। इसलिए ये मेरा और टीम का फैसला था कि सुपर ओवर में मेरे साथ आशुतोष शर्मा को भेजा जाए।
जितेश शर्मा ने सेमीफाइनल में मिली हार की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि मैं इस हार की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं और सीनियर खिलाड़ी होने के नाते मुझे गेम खत्म करना चाहिए था। यह सीखने के बारे में है, हारने के बारे में नहीं। आपको कभी नहीं पता, ये लोग किसी दिन इंडिया के लिए वर्ल्ड कप जीत सकते हैं। टैलेंट के मामले में वे आसमान छू रहे हैं। यह सब सीखने और अनुभव के बारे में है। इस मैच का टर्निंग प्वाइंट मेरा विकेट गिरना था।
