प्रीतिश राज। ग्रेटर नोएडा के गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजत राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप एक बार फिर बदइंतजामी के कारण खबरों में है। कई टीमों के बॉक्सर, कोच और सपोर्ट स्टाफ को फाइनल से एक दिन पहले ही शुक्रवार (9 जनवरी) की रात में मुश्किल का सामना करना पड़ा। उन्हें एलीट नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप से लौटने के बाद अपने रहने की जगह खाली करने के लिए कहा गया।
कई टीमों ने बताया कि उनके बैग उनके कमरों के बाहर रख दिए गए थे और उन्हें हॉस्टल और लॉज से अपना कमरा खाली करने के लिए कहा गया क्योंकि उनकी बुकिंग सिर्फ शुक्रवार तक ही थी। यह बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) के लिए शर्मिंदगी वाली स्थिति है। द इंडियन एक्सप्रेस ने बीएफआई अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया, लेकिन बाद में एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि कुछ सुधार के कदम उठाए गए हैं। हालांकि, यह नहीं बताया गया कि समस्या किस वजह से हुई।
बीएफआई ने क्या कहा?
बयान में कहा गया, “यह सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाए गए हैं कि प्रभावित एथलीटों को गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय की सबसे पास की जगह पर ठहराया जाए, जहां रात के लिए सोने का सही इंतजाम किया गया है। फेडरेशन हालात पर करीब से नजर रख रहा है।” बीएफआई ने जबतक यब व्यवस्था की तबतब कई टीमों को कड़ाके की ठंड तापमान 6-7 डिग्री सेल्सियस के आसपास में कई घंटे बाहर बिताने पड़े। बयान आने के कुछ समय बाद तक कुछ टीमों को रहने की जगह नहीं मिली थी।
इन टीमों को हुई दिक्कत
ग्रेटर नोएडा में गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में हो रहे राष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों को अलग-अलग हॉस्टल और लॉज में ठहराया गया था, लेकिन शाम को टूर्नामेंट वेन्यू से लौटने के बाद उन्हें दूसरे विकल्प ढूंढने पड़े। तेलंगाना, केरल, झारखंड, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गोवा, पंजाब, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ कुछ ऐसी टीमें थीं जिन्हें इस समस्या का सामना करना पड़ा।
बॉक्सिंग वेन्यू से लौटे के बाद का मामला
एक कोच ने नाम न बताने की शर्त पर द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “यह घटना शाम करीब 7:30 बजे हुई जब हम बॉक्सिंग वेन्यू से लौटे। हमारे खिलाड़ियों और कोचों से जगह खाली करने के लिए कहा गया। यह बताया गया कि यह सिर्फ आज तक के लिए बुकिंग थी। हम अभी भी हॉस्टल के बाहर खड़े हैं और रहने के लिए हमें कोई दूसरा इंतजाम नहीं मिला है।”
पहले भी हुई दिक्कत
इतने व्यस्त दिन 40 सेमीफाइनल मुकाबलों के बाद मुक्केबाजों, कोच और अधिकारियों को बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि ऐसी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। एक और कोच ने कहा, “हमारा एक बॉक्सर कल फाइनल में खेल रहा है। यह ऐसी स्थिति है जहां हमें समझ नहीं आ रहा कि क्या करें। हमें डिनर करने में थोड़ी देर हो गई थी। यह कोई अकेली घटना नहीं है कल रात 8 बजे के आसपास भी हमारे साथ कुछ ऐसा ही हुआ था।”
टीमों और अधिकारियों में गुस्सा
टीमों और अधिकारियों में गुस्सा साफ दिख रहा था जब उन्हें पता चला कि टूर्नामेंट की पूरी अवधि के लिए उनका रहने के बुकिंग नहीं की गई थी। एक टीम अधिकारी ने कहा “हम इस समय क्या कर सकते हैं? इवेंट की पूरी अवधि के लिए ट्रैवल करने वाली टीमों के लिए रहने का इंतजाम करना आयोजकों की बेसिक ड्यूटी है। सबसे ज्यादा, हम उन बॉक्सरों के बारे में चिंतित हैं, जो इस स्थिति में परेशान हैं।”
विवादों में नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप
बॉक्सिंग नेशनल के प्रॉस्पेक्टस में लिखा है, “आयोजकों द्वारा बॉक्सरों और अधिकारियों को मुफ्त रहने और खाने की सुविधा दी जाएगी।” बॉक्सिंग नेशनल पहले 30 दिसंबर से 7 जनवरी तक होने वाले थे, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में खराब हवा की क्वालिटी के कारण उन्हें 4-10 जनवरी तक के लिए टाल दिया गया। ये टूर्नामेंट पहले भी विवादों से घिरा रहा। इसमें इवेंट के पहले दिन लॉजिस्टिक्स की दिक्कतों के कारण पांच घंटे से ज्यादा की देरी हुई। रेफरी पर पक्षपात करने के भी आरोप भी लगे।
