Peru vs Denmark, FIFA विश्व कप 2018: लंबे समय बाद फुटबॉल महासमर में भाग ले रही पेरू की टीम का फीफा विश्व कप 2018 के अपने शुरुआती मैच में डेनमार्क और उसके स्टार मिडफील्डर क्रिस्टियन एरिक्सन से सामना था। जिसमें डेनमार्क की टीम ने पेरू पर 1-0 से जीत दर्ज कर मुकाबले में अपनी विजयी शुरुआत कर दी है। वहीं 36 साल बाद विश्वकप में वापसी कर रही पेरू की टीम को निराशा हाथ लगी। पेरू ने गोल के तीन मौके गंवाए। डेनमार्क की ओर से युसुफ युरारी पोलसन ने 59वें मिनट में एक गोल दागा। मैच का यह एकमात्र गोल निर्णायक गोल साबित हुआ।
पेरू की टीम का सारा दारोमदार पाओलो गुएरेरो पर टिका था, जो डोपिंग के कारण लगे प्रतिबंध को भुलाकर खुद को साबित करने के लिए मैदान पर उतरे थे। फ्लेमेंगो के फॉरवर्ड गुएरेरो की मौजूदगी से पेरू के कोच रिकार्डो गेरेसा को बड़ी राहत मिली थी। उन पर कोकीन लेने के कारण 14 महीने का प्रतिबंध लगा था जो विश्व कप शुरू होने से एक सप्ताह पहले हटा दिया गया था। पेरू के पक्ष की ये सारी सकारात्मक कवायद भी उसके लिए कोई कमाल नहीं कर सकीं और उसे अपने पहले मैच में ही हार का सामना करना पड़ा। वहीं डेनमार्क के पास गोल मशीन एरिक्सन थे जिन्होंने क्वालीफायर में अपनी टीम की तरफ से 11 गोल दागे थे। क्वालीफाईंग में उनसे अधिक गोल केवल क्रिस्टियानो रोनाल्डो और राबर्ट लेवानडोवस्की ने किये थे।
टोटेनहैम होट्सपुर की तरफ से खेलने वाले 26 वर्षीय एरिक्सन ने पिछले साल नवंबर में आयरलैंड के खिलाफ डेनमार्क की 5-1 से जीत में हैट्रिक जमायी थी। उन्होंने विश्व कप से पहले मैत्री मैच में मैक्सिको पर 2-0 की जीत में भी गोल किया था। फिलहाल, इस मैच में पोलसन हीरो बनकर उभरे हैं। उन्होंने मैच में एक गोल दागकर अपनी टीम को विजयी बढ़त दिलाई थी।

Highlights
विशà¥à¤µà¤•प में डेनमारà¥à¤• की विजयी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤, पेरू को 1-0 से हराया
56 वें मिनट में पेरू ने गोल करने का मौका गंवाया। 59वें मिनट में युसुफ पौल्सन ने डेनमार्क के लिए पहला गोल दागा। डेनमार्क की टीम फिलहाल एक गोल से आगे चल रही है।
पहले हाफ का खेल पूरा हो चुका है। कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी है।
मैच के 44वें मिनट पेरू को पेनेल्टी मिली। क्वेवा इसे भुना नहीं सके। दोनों टीमें फिलहाल 0-0 पर हैं। पहले हाफ में 2 मिनट का अतिरिक्त समय जोड़ा गया।
मैच के 20वें मिनट तक गोल भी टीम गोल नहीं दाग सकी है। डेनमार्क आक्रामकता दिखा रही है। पेरू 0, डेनमार्क 0
पहले 10 मिनट तक कोई भी गोल देखने को नहीं मिल सका है। फैंस अपनी-अपनी टीमों का उत्साह बढ़ाते हुए। टीमें डिफेंस खेल रही है।
डेनमार्क के सेंटर बैक साइमन कजार और आंद्रियास क्रिस्टेनसन की भी गुएरेरो और फारफान के सामने परीक्षा होगी। डेनमार्क 2016 से 14 मैचों में अजेय है। यह देखना दिलचस्प होगा कि उसके कोच ऐज हैरीड अग्रिम पंक्ति में 20 वर्षीय कास्पर डोलबर्ग और निकोलेई जोर्गनसेन में से किसे चुनते हैं।
यह मैच दूसरे संदर्भ में भी दिलचस्प है। डेनमार्क के खिलाड़ियों का औसत कद 1.85 मीटर है जो विश्व कप में भाग लेने वाली टीमों में सर्वाधिक है। दूसरी तरफ पेरू के खिलाड़ियों का औसत कद 1.78 मीटर है जो सबसे कम है।
पिछले साल अक्तूबर में अर्जेंटीना के खिलाफ क्वालीफायर के बाद गुएरेरो का परीक्षण पॉजीटिव पाया गया था लेकिन यह मिडफील्डर विश्व कप में भाग लेने के लिये कानूनी जंग जीतने में सफल रहा। उन्होंने सऊदी अरब के खिलाफ अभ्यास मैच में 3-0 से जीत में दो गोल दागकर अपने कौशल का परिचय दिया।
फ्रांस को ग्रुप सी से शीर्ष पर रहने का दावेदार माना जा रहा है और ऐसे में कोई भी टीम अपने पहले मैच में अंक नहीं गंवाना चाहेगी। सारान्स्क में हालांकि निगाहें 34 वर्षीय गुएरेरो पर टिकी रहेंगी जो 33 वर्षीय जैफरसन फारफान के साथ पेरू के आक्रमण की अगुवाई करेंगे। वह फारफान ही थे जिन्होंने पराग्वे और फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ प्लेआॅफ मैच में गोल करके पेरू को 36 साल बाद विश्व कप में जगह दिलायी थी।
गोलकीपर : पेद्रो गालेसे, कार्लोस सासेडा और जोस कार्वालो।
डिफेंडर : एल्डो कोजरे, लुइस एडविनाकुला, मिगुएल अराजुओ, एल्बटरे रोड्रिगेज, क्रिस्टियन रामोस, एंडरसन सेंटामारिया, निल्सन लोयोला, मिगुएल ट्राउको।
मिडफील्डर : रेनाटो टापिया, प्रेडो एक्विनो, योशिमार योतुन, एडिसन फ्लोरेस, पाउलो हुर्तादो, विल्डर काटार्गेना, क्रिस्टन कुएवा, एंडी पोलो।
फॉरवर्ड : आंद्रे कारिलो, जेफरसन फारफान, राउल रुइडियाज, पाउलो गुएरेरो।
गोलकीपर-कैस्पर श्माइकल, जोनास लोस्सल, फेडेरिक रोनबो
डिफेंडर- सिमोन काएर, आंद्रेस क्रिस्टेनसन, माथियास जोर्गेनसन, जानिक वेस्टरगार्ड, हेनरिक डाल्सगार्ड, जेंस स्ट्रेगर लार्सेन, जोनास नु़डसेन
मिडफील्डर : विलियम क्विस्ट, थोमस डेलाने, लुकास लेरागर, लासे शोने, क्रिस्टियन एरिकसन, मिशेल क्रोन-डेली
स्ट्राइकर : पियोने सिस्टो, मार्टिन ब्राथवैट, आंद्रेस कोर्निलियुस, विक्टर फिश्चेर, युसुफ पोल्सन, निकोलाई जोर्गेनसन, कास्पर डोलबर्ग।