आखिरी मिनटों में मोरक्को के अजीज बोहादोज के आत्मघाती गोल की बदौलत ईरान ने फीफा विश्व कप के अपने पहले मैच में 1-0 से जीत दर्ज की। गोलरहित ड्रॉ की ओर बढ़ता दिख रहा यह मैच नाटकीय ढंग से खत्म हुआ जब बोहादोज ने इंजुरी टाइम में गलती कर डाली जो मोरक्को पर भारी पड़ गई। 90 मिनट के बाद अतिरिक्त समय दिया गया और इसी बीच अजीज बोहादोज गोल के पास ईरानी स्ट्राइकर का शॉट बचाने के लिए दौड़े थे लेकिन उनका हेडर अपने गोल के भीतर ही चला गया। गोल होते ही ईरान के खिलाड़ी खुशी से झूम उठे मानो विश्व कप ही जीत लिया हो।

ये बोहादोज की भारी चूक थी, जिसका उन्हें इल्म भी था। मैच खत्म हुआ, तो आंखों में आंसू लिए लौटे। कुछ ऐसी ही गलती 1994 विश्व कप में कोलंबिया के फुटबॉलर आंद्रेस इस्कोबार ने भी कर दी थी, जो उनकी मौत की वजह बन गई थी। इस मैच को यूएस ने 2-1 से जीता। हार के 5 दिन बाद आंद्रेस मेडेलिन शहर के नाइट क्लब में अपने दोस्तों संग पहुंचे। पार्किंग के बाह सुबह अपने दोस्तों का इंतजार कर रहे थे कि 3 लोग आकर बहस करने लगे। इनमें से 2 लोगों ने बंदूल निकाली और उन पर 6 गोलियां दाग दीं। इस बीच हत्यारे ‘गोल-गोल’ चिल्ला रहे थे। अस्पताल में पहुंचने पर आंद्रेस की मौत हो गई।

शुक्रवार को खेले गए ईरान-मोरक्को मैच के पहले हाफ में मोरक्को का प्रदर्शन शानदार रहा और ईरान को मौके नहीं मिले। हाकिम जियाच, अयूब अल काबी और मेहदी बेनातिया गोल नहीं कर सके। ईरान ने वही लय दिखाई जो चार साल पहले अर्जेंटीना के खिलाफ नजर आई थी लेकिन अर्जेंटीना के पास लियोनेल मेस्सी थे।

ईरान की विश्व कप की तैयारियां आसान नहीं थी। नाइके ने चार दिन पहले ही खिलाड़ियों को जूतों की आपूर्ति रोक दी थी। यूनान और कोसोवो के खिलाफ उसके दोस्ताना मैच रद्द हो गए थे। बीस साल बाद विश्व कप खेल रही मोरक्को की टीम क्वालीफायर में ईरान की तरह अपराजेय रही थी। मोरक्को ने शुरुआत अच्छी की थी लेकिन लय कायम नहीं रख सके।