नाइजीरिया के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप 2018 के बेहद ही रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना की टीम ने आखिरी समय में जीत हासिल किया। टीम के लिए मार्कोस रोजो ने 87वें मिनट पर गोल किया और अर्जेंटीना को करो या मरो के मुकाबले में जीत दिला दी। मार्कोस रोजो से पहले अर्जेंटीनी स्टार लियोनेल मेसी ने अपनी टीम के लिए पहला गोल किया। इसके साथ ही अर्जेटीना ने ग्रुप-डी के मैच में नाइजीरिया को 2-1 से मात देकर अंतिम-16 में जगह बना ली है। इस मुकाबले को देखने आए महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना वीआईपी बॉक्स से ही मैच के हर पल का आनंद उठा रहे थे। मेसी के गोल करते ही डिएगो माराडोना अपनी सीट से खड़े हो गए और सीटीयां बजाने लगे। हालांकि, इसके बाद काफी समय तक दोनों ही टीम बराबरी पर संघर्ष करती रही। एक समय ऐसा लग रहा था कि मैच ड्रॉ हो जाएगा, इसके बाद मार्कोस रोजो ने 87वें मिनट पर गोल कर टीम की जीत पक्की कर दी। रोजो के गोल से उत्साहित होकर माराडोना वीआईपी बॉक्स से ही भद्दे इशारे कर गालियां देने लगे।
Your man Diego Maradona is already at it. This man has lived 14 lives and all of them at 150 miles per hour without a helmet. pic.twitter.com/MqKY2l7Utw
— Miriti Murungi (@NutmegRadio) June 26, 2018
हालांकि, मैच खत्म होते ही माराडोना के स्वास्थ्य को लेकर चिंता शुरू हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में वह बीमर नजर आ रहे थे, उन्हें चलने में दिक्कत हो रही थी। इसके बाद उनके दो दोस्त उन्हें वीआईपी सेक्सन के भोजन कक्ष में लेकर गए। वहीं मैच के बाद लियोनेल मेसी ने अपनी टीम की नाईजीरिया पर 2-1 से जीत के बाद स्वीकार किया कि अपने करियर में वह कभी ऐसी तनावपूर्ण स्थितियों से नहीं गुजरे थे।
#Maradona absolutely off his nut at the #WorldCup pic.twitter.com/OUI3AdRzyU
— Transfer News – insider (@Agent_Edward) June 26, 2018
अर्जेंटीना के लिए यह मैच कर मेसी से पूछा गया कि क्या यह उनके करियर का सबसे तनावपूर्ण मैच था, उन्होंने कहा, ‘‘मैं इससे पहले कभी इस तरह के हालात से नहीं गुजरा था। यह परिस्थितियों की वजह से था। अर्जेंटीना के कोच जार्ज साम्पओली ने कहा कि जब नाईजीरिया ने पेनल्टी पर गोल दागकर स्कोर बराबर किया तो उनकी टीम को बाहर होने की चिंता सताने लगी थी।
Yes Diego, @dele_official says ‘hi’ pic.twitter.com/s3zLwcGDMV
— Kyle Walker (@kylewalker2) June 26, 2018


