इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच हाल में ही एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला समाप्त हुई है। इस दौरान ब्रिटिश बल्लेबाजों ने रनों का अंबार लगा दिया। लेकिन, क्लब क्रिकेट में इसके ठीक उलट देखने को मिला है। एक मैच में 11 बॉल में सिर्फ 1 रन बने जबकि बल्लेबाजी कर रही टीम के 7 बैट्समैन पवेलियन लौट गए। दरअसल, हाई वाईकांब और पीटरबॉरो के बीच क्लब मैच खेला जा रहा था। पीटरबॉरो ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में 188 रन का स्कोर खड़ा किया था। लो स्कोरिंग मैच में हाई वाईकांब के बल्लेबाजों ने जबरदस्त शुरुआत की थी। वाईकांब ने 3 विकेट के नुकसान पर 186 रन बना लिए थे। इसके बाद अनिश्चितताओं के खेल क्रिकेट ने अपना रंग बदला। पीटरबॉरो की ओर से 49वां ओवर डालने की जिम्मेदारी कीरॉन जोंस को सौंपी गई। जोंस ने चार बॉल में लगातार 4 विकेट लेकर सनसनी फैला दी। जोंस ने अपने ओवर में एक भी रन नहीं दिया। वाईकांब का स्कोरबोर्ड इसके साथ ही 3 विकेट के नुकसान 186 रन से 186 रनों पर 7 विकेट हो गया।
आखिरी ओवर की जिम्मेदारी ऑफ स्पीनर को: पीटरबॉरो के कप्तान ने अंतिम ओवर डालने की जिम्मेदारी किसी तेज गेंदबाज के बजाय ऑफ स्पीनर को सौंपी गई। वाईकांब के बल्लेबाज ने पहली गेंद को रिवर्स स्वीप कर एक रन चुरा लिया। अब वाईकांब को जीत के लिए पांच गेंद में दो रन की जरूरत थी। अगले चार बॉल में पीटरबॉरो के गेंदबाज ने वाईकांब के बचे तीन विकेट चटका दिए। इस दौरान बल्लेबाज एक भी रन नहीं ले सके थे। इस तरह पीटरबॉरो की टीम सांस रोक देने वाली मैच में जीत हासिल कर ली। पीटरबॉरो एक समय मैच गंवा चुकी थी, लेकिन गेंदबाजों ने बॉल के साथ ऐसा जौहर दिखाया जिसकी खुद पीटरबॉरो के कप्तान को भी उम्मीद नहीं थी। अंतिम के दो ओवरों में वाईकांब के 7 बल्लेबाज पवेलियन लौट गए। बता दें कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए मैच में ब्रिटिश बल्लेबाजों ने रनों की झड़ी लगा दी थी। इंग्लैंड के बैट्समैन ने निर्धारित 50 ओवर में 481 रन ठोक डाले थे। इस दौरान वनडे मैचों के कई रिकॉर्ड टूट गए थे। वहीं, क्लब मैचों में बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम 189 रन का स्कोर भी नहीं बना सकी।
