भारतीय रेसलर दिव्य काकरान डोप टेस्ट में फेल हो गई हैं। दिव्या को फिलहाल अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। दो बार की एशियन चैंपियन पर अब चार साल के बैन का खतरा मंडरा रहा है। अगर दिव्या राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी के सामने खुद के बेगुनाह साबित नहीं कर पाती हैं तो उनपर चार साल का बैन लग सकता है। इससे दिव्या के पेरिस ओलंपिक में हिस्सा लेने का सपना टूट जाएगा।
नाडा से घर से लिया था नमूना
अमर उजाला की खबर के मुताबिक नाडा ने पिछले साल 15 दिसंबर को दिव्या के घर से नमूना लिया था। इस आउट ऑफ कंपटीशन नमूने की जांच वाडा से मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय डोप टेस्ट लैबोरेटरी (एनडीटीएल)में की गई थी। दिव्या के सैंपल में प्रतिबंधित स्टेरायड मिथाइल टेस्टोस्टोरॉन और उसके मेटाबोलाइट्स पाए गए हैं।
बी सैंपल भी टेस्ट करा चुकी हैं दिव्या
नाडा ने 10 जनवरी को ही दिव्या पर अस्थायी बैन लगा दिया था। इसके कारण वह जयपुर या पुणे, किसी भी नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले पाईं। डोप टेस्ट फेल करने के बाद खिलाड़ियों के पास बी सैंपल की जांच कराने का विकल्प होता है। हालांकि दिव्या को वहां भी कोई राहत नहीं मिली। वह बी सैंपल का टेस्ट भी करा चुकी हैं। दिव्या ने देश के लिए कई अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स में मेडल जीते हैं। उन्होंने 2018 और 2022 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। वह दो बार एशियन चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं।
धरने के समय बृजभूषण का दिया था साथ
दिव्या उन चुनिंदा पहलवानों में शामिल थी जिन्होंने अप्रैल के महीने में हुए धरने में बृजभूषण सिंह का साथ दिया था। उन्होंने साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया के आरोपों को गलत बताया था। उन्होंने कहा था कि धरना दे रहे पहलवान झूठ बोल रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया वह लगभग 10 सालों से कुश्ती का कैंप कर रही हैं और कभी किसी के साथ इस तरह की चीज नहीं देखी।
