रणजी ट्रॉफी और अंडर-23 टूर्नामेंट के संभावित खिलाड़ियों के चयन को लेकर मंगलवार 30 सितंबर 2025 को दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) की बैठक में तब विवाद हो गया, जब डीडीसीए के निदेशक मनजीत सिंह और आनंद वर्मा तथा कोषाध्यक्ष हरीश सिंघला जबरदस्ती मीटिंग में पहुंच गए। इस पर DDCA के सचिव और संयोजक अशोक शर्मा ने तीनों की उपस्थिति पर आपत्ति जताई। इसके बाद चयन समिति की बैठक स्थगित करनी पड़ी।

अशोक शर्मा ने डीडीसीए अध्यक्ष रोहन जेटली को लिखे एक पत्र में ‘चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और ईमानदारी बनाए रखने’ के लिए चयन समिति की बैठकें आयोजित करने की अपील की डीडीसीए सचिव अशोक शर्मा ने कहा कि जब तीनों खुद को बैठक में शामिल करने पर जोर दे रहे थे तब सीनियर चयन समिति के सदस्य यशपाल सिंह, केपी भास्कर और मनु नायर के साथ-साथ मुख्य कोच सरनदीप सिंह भी मौजूद थे।

डीडीसीए के सूत्रों ने जनसत्ता को बताया कि मनजीत सिंह अपने बेटे का नाम अंडर-23 टीम में शामिल करने के लिए दबाव बना रहे थे। डीडीसीए के नियमों के अनुसार, कोई भी पदाधिकारी चयन समिति में हिस्सा नहीं ले सकता। अशोक शर्मा ने जनसत्ता को बताया कि 15 अक्टूबर को मैच है और 12 को टीम रवाना होनी है, जिस कारण चयन समिति की बैठक होनी थी। उन्होंने मनजीत को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने।

अशोक शर्मा ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘हर्ष सिंगला, आनंद वर्मा और मनजीत सिंह कमरे में घुस आए। उन्होंने बैठक में शामिल होने की मांग की। जब वे किसी भी सूरत में जाने को तैयार नहीं हुए तो मुझे बैठक स्थगित करनी पड़ी। मैंने डीडीसीए अध्यक्ष को आज की चयन समिति की बैठक से जुड़े मुद्दों को लेकर एक पत्र लिखा है।”

मनजीत सिंह क्या बोले

संपर्क करने पर मनजीत ने दावा किया कि यह एक अनौपचारिक बैठक थी। मनजीत ने कहा, ‘जहां तक मुझे पता है कि यह औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि सिर्फ एक चर्चा थी, इसलिए मैं इसमें शामिल हुआ।’ डीडीसीए अध्यक्ष रोहन जेटली ने कहा कि उन्हें चयन समिति की बैठक में हुए हंगामे की जानकारी नहीं है। रोहन जेटली ने बताया, ‘मुझे बताया गया कि डेटा गणना में कुछ समस्याएं थीं, इसलिए बैठक स्थगित कर दी गई।’ अशोक शर्मा के पत्र के बारे में पूछने पर कहा कि उन्हें अपना ईमेल देखने का समय नहीं मिला।

अशोक शर्मा ने रोहन जेटली को पत्र में क्या कहा?

रोहन को लिखे पत्र में अशोक शर्मा ने लिखा, ‘हालिया चयन प्रक्रिया ने डीडीसीए चयन समिति के कामकाज को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा की हैं। बीसीसीआई के दिशानिर्देशों के विपरीत, शीर्ष परिषद के सदस्यों की अपनी भूमिका के इतर गतिविधियों के कारण चयन समिति की स्वायत्तता और विश्वसनीयता कमजोर हुई है। हम आपसे आग्रह करते हैं कि चयन प्रक्रिया पर पुनर्विचार करें और सुनिश्चित करें कि बीसीसीआई के मानदंडों का पालन हो… आज, कुछ निदेशक भी बैठक में आ गए, जिससे पक्षपात और चयन को प्रभावित करने की आशंका रहती है। गौरतलब है कि एक निदेशक के परिवार का सदस्य भी चयन के संभावितों में है।’ अशोक शर्मा ने कहा कि वह चयन समिति की बैठक दोबारा बुलाने से पहले रोहन के जवाब का इंतजार करेंगे।

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