भारत ने वर्ल्ड टी20 के अंतिम चार में जगह बना ली है। भारत ने मोहाली में पांच विकेट खोकर 161 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम इंडिया ने लगातार दूसरी बार वर्ल्ड टी20 के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। ऑस्ट्रेलिया ने पहले खेलते हुए 6 विकेट पर 160 रन बनाए। मैच को भारत की मुट्ठी में लाने में दो मौके अहम रहे। एक मौका आया गेंदबाजी में और दूसरा मौका आया बल्लेबाजी में। इन दोनों मौकों ने बाजी को भारत की ओर झुका दिया।
पहला मौका: युवराज का ओवर
ऑस्ट्रेलिया 9 ओवर में 2 विकेट पर 74 रन बनाकर बड़े स्कोर की ओर बढ़ रहा है। इस मौके पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने युवराज को गेंद थमाई। युवी ने भी कप्तान के भरोसे को सच्चा साबित किया। उन्होंने पहली ही गेंद पर स्टीवन स्मिथ को धोनी के हाथों कैच करा दिया। इस विकेट के गिरने के बाद कंगारू टीम की पारी पर ब्रेक लग गए। युवराज ने अपने पहले ओवर में 7 ही रन दिए। उन्होंने बैरंग अश्विन की भी कमी नहीं खलने दी। यह मैच का पहला टर्निंग पॉइन्ट था।
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दूसरा मौका: भारतीय पारी का 18वां ओवर
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम दबाव में थी। भारत को आखिरी पांच ओवर में जीतने के लिए 59 रन चाहिए थे। इसके बाद अगले दो ओवर में भारत ने 20 रन बनाए। इसके चलते 3 ओवर में 39 रन की जरूरत थी। भारतीय पारी का 18वां डालने आए जेम्स फॉक्नर। कोहली ने इस ओवर में दो चौके और एक छक्का उड़ाया। इस ओवर से कुल 19 रन आए और मैच भारत की झोली में आ गया। कोहली ने 19वें ओवर में लगातार तीन चौके जड़ ऑस्ट्रेलिया को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। रही सही कसर धोनी ने आखिरी ओवर की पहली ही गेंद पर चौका जड़कर पूरी कर दी।
