दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आगामी महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए वर्तमान में भारतीय क्रिकेट टीम, लगता है श्रीलंका टेस्ट सीरीज में इसकी तैयारी कर रही है। ऐसा इसलिए हैं क्योंकि ईडन गार्डन्स की हरी घास (ग्रीन ट्रैक) वाली पिच पर सभी 17 विकेट तेज गेंदबाजों ने लिए, जबकि स्पिन गेंदबाजों से महज 10 ओवर कराए गए। दूसरा टेस्ट 24 नवंबर से नागपुर में खेला जाएगा और आखिरी टेस्ट दिल्ली के फिरोज शाह कोटला स्टेडियम में खेला जाएगा।

हालांकि पूर्व में ऐसा समय था जब भारत में ग्रीन ट्रैक ना के बराबर थे। घरेलू कप्तान भी इन पिचों पर अपना असंतोष दिखाने के लिए जाने जाते थे। घटना साल 2004 की है जब नागपुर के स्टेडियम में कथित तौर पर ऐसी ही पिच होने पर तब भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सौरव गांगुली ने चोट का हवाला देते हुए खुद को टीम से बाहर कर लिया था। इसी दौरान स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों का हवाला देते हुए स्पिनर हरभजन सिंह ने भी ऐसा ही किया। माना जाता है कि इन्हीं वजहों तब भारतीय टीम पहली बार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सरज़मी पर टेस्ट मैच हारी।

ऑस्ट्रेलियाई संस्करण के अनुसार, ग्रीन पिच होने की वजह से गांगुली और हरभजन ने तब खुद को मैच से अलग कर लिया। साल 2011 में रिलीज हुई मैथ्यू हेडन की एक बुक में भी लिखा गया, ‘मैच से कुछ दिन पहले गांगुली और हरभजन पिच के निरक्षण के लिए मैदान पर पहुंचे। हमें लगा कि पिच देखकर वो मैच नहीं खेलेंगे और आखिर में ऐसा ही हुआ उन्होंने मैच नहीं खेला। क्योंकि पिच हरी घास वाली थी।’

गौरतलब है गांगुली के बाहर होने के बाद टीम का प्रतिनिधित्व तब उप कप्तान राहुल द्रविड़ ने किया। जबकि गांगुली ने पैर की मांसपेशियों के खिंचाव के कारण और हरभजन ने तबियत खराब होने की बात कहकर मैच नहीं खेला। ये मैच भारत 342 रनों के बड़े अंतर से हारा था। टीम ने कुल 385 रन बनाए। जबकि ऑस्ट्रेलिया नें पहली पारी में 398 और दूसरी पारी में 329 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। बाद में भारत को सीरीज भी गंवानी पड़ी। कहा जाता है तब एडम गिलक्रिस्ट ने गांगुली पर सवाल उठाए और हारने की वजह से मैच ना खेलने का आरोप लगाया।