हमेशा से ही महेंद्र सिंह धोनी के खेल और उनकी नेतृत्व क्षमता के कायल रहे भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने एक बार फिर उनकी प्रशंसा के पुल बांधे हैं। सुनील गावस्कर ने इस बात पर खुशी जाहिर की है कि महेंद्र सिंह धोनी ने सिर्फ कप्तानी छोड़ी है, क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया। न्यूज चैनल एनडीटीवी से बातचीत में सुनील गावस्कर ने धोनी को एक साहसी कप्तान बताया और उनके द्वारा लिए गए कुछ आश्चर्यजनक फैसलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘धोनी जोखिम लेने के मामले में कमाल के कप्तान थे। पाकिस्तान के खिलाफ 2007-टी20 वर्ल्डकप फाइनल में भी उन्होंने आखिरी ओवर जोगिंदर शर्मा से करवाने का रिस्क लिया, तो 2011 के वनडे विश्वकप फाइनल में खुद आगे आकर टीम को जीत तक ले गए।’
सुनील गावस्कर धोनी की कप्तानी के कितने बड़े फैन हैं इसका अंदाजा हम उनके इस बयान से लगा सकते हैं, जिसमें उन्होंने कहा, ‘अगर मेरी जिंदगी के मात्र 15 सेकंड बचें हो तो मैं श्रीलंका के खिलाफ 2011 वर्ल्डकप फाइनल में महेंद्र सिंह धोनी द्वारा लगाए गए विजयी छक्के को देखकर खुशी-खुशी मरना चाहूंगा।’ सुनील गावस्कर का मानना है कि धोनी में अभी कम से कम 2 साल तक क्रिकेट खेलने की क्षमता है और वो 2019 विश्वकप आराम से खेल सकते हैं।
गावस्कर ने इस दौरान कहा कि यदि धोनी ने संन्यास का फैसला किया होता तो उनके घर के बाहर धरने पर बैठने वाला मैं पहला व्यक्ति होता। गावस्कर का मानना है कि महेंद्र सिंह धोनी ने कप्तान बनने के बाद जिम्मेदारी को समझते हुए बैटिंग करने के अपने अंदाज में काफी परिवर्तन किया। उन्होंने कहा कि धोनी अभी भी एक विस्फोटक बल्लेबाज है और वो एक ओवर में मैच का पासा पलटने का माद्दा रखता है। भारतीय टीम को एक खिलाड़ी के रूप में उनकी सख्त जरूरत है। उन्होंने खुशी जाहिर की कि धोनी ने सिर्फ कप्तानी छोड़ी, क्रिकेट नहीं।
सुनील गावस्कर का यह भी मानना है कि कप्तानी छोड़ने के बाद विकेटकीपर और बल्लेबाज के रूप में महेंद्र सिंह धोनी अब और आसानी से खेल सकेंगे। उन्होंने कहा कि धोनी के टीम में होने से जो भी दूसरा कप्तान होगा उसे फैसले लेने में आसानी होगी और वो कोई भी निर्णय लेने से पहले धोनी की ओर देख सकेगा। टीम में ऐसे अनुभवी खिलाड़ी का होना जरूरी है। सुनील गावस्कर धोनी को विश्व क्रिकेट का सबसे बेहतरीन फिनिशर मानते हैं। उन्होंने कहा कि धोनी अभी भी अपने दम पर मैच जीताने की कुव्वत रखता है।
