भारतीय टीम में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए दिल्ली के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को शामिल किया गया है। उन्हें पहली बार नेशनल टीम में जगह दी गई है। उन्होंने इस साल रणजी सीजन में दिल्ली की ओर से जोरदार प्रदर्शन किया था। पिछले साल अंडर-19 टीम के उपकप्तान रहे ऋषभ ने अपने प्रदर्शन के चलते नेशनल टीम की दावेदारी पेश की थी। उन्होंने 10 रणजी मैचों में 72 की औसत से 1080 रन बनाए। इस दौरान उनकी स्ट्राइक रेट 102 रही। ऋषभ ने रणजी सत्र के दौरान 114 चौके और 43 छक्के लगाए। उन्होंने 146, 308, 117 और 135 रन की पारियां खेली। इसी दौरान उनका एक शतक तो केवल 48 गेंदों में बन गया।
19 साल के ऋषभ का जन्म रूड़की में हुआ है। क्रिकेट में उनकी शुरुआत दिल्ली के सोनेट क्लब में कोच तारक सिन्हा के साथ हुई। शुरुआत में वे राजस्थान की ओर से भी खेले। साल 2016 की शुरुआत में खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप में पंत जोरदार प्रदर्शन किया और टीम को फाइनल तक ले गए। इसके चलते आईपीएल में उन्हें दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम में 1.90 करोड़ रुपये में खरीदा। उन्हें लेने के लिए तीन टीमों में टक्कर रही। उनकी बेस प्राइज केवल 10 लाख रुपये थी। आईपीएल के अपने पहले ही सीजन में उन्होंने 130.26 की स्ट्राइक रेट से 198 रन बनाए।
पंत एडम गिलक्रिस्ट, विराट कोहली और एमएस धोनी को अपना आदर्श मानते हैं। उनका कहना है, ”शुरुआत में गिलक्रिस्ट पसंद थे क्योंकि वे भी मेरी तरह बाएं हाथ के हैं और विकेटकीपर हैं। मैं वीके भाई और कीपिंग में धोनी भाई को फॉलो करता हूं।” मुंबई के पूर्व क्रिकेटर प्रवीण आमरे का कहना है कि आने वाले समय में लोग ऋषभ को गेंदबाजी करने से डरेंगे। वह परवाह नहीं करता कि दूसरी और कौन है। उसकी निर्भय बल्लेबाजी उसे अलग बनाती है। वह आसानी से बाउंड्री मार देता है। ऋषभ पंत का कहना है कि भारत के लिए खेलना उनका सपना है। पिछले दिनों उन्होंने ईएसपीएनक्रिकइंफो से कहा था, ”ब्ल्यू जर्सी का अलग मजा है। इसे पहनने के बाद आ आत्मविश्वास महसूस करते हैं।”
टी20 टीम में पंत का चयन इस बात का संकेत है कि उन्हें छोटे प्रारूप में गंभीरता से महेंद्र सिंह धोनी के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है जबकि टेस्ट मैचों में रिद्धिमान साहा भारत की पहली पसंद हैं। पंत ने दिल्ली के रणजी अभ्यास के इतर कहा था, ‘‘मुझे लगता है कि मैं रोज सीख रहा हूं। मैंने अपना करियर अभी शुरू किया है और मैं बेहतर होना चाहता हूं। मैं जितना अधिक खेलूंगा उतना बेहतर बनूंगा। आईपीएल से निश्चित तौर पर मदद मिली क्योंकि मुझे स्तरीय गेंदबाजों का सामना करने का मौका मिला। क्रिस मौरिस जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी से बात करके अपने खेल में सुधार करने में मदद मिली।’’ उन्होंने पिछले साल रणजी ट्राफी में वानखेड़े स्टेडियम में महाराष्ट्र के खिलाफ सचिन तेंदुलकर के आटोग्राफ वाले बल्ले से तिहरा शतक बनाया था।
