ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 159 रनों की पारी खेलने के बाद ऋषभ पंत ने अपनी मां (सरोज पंत) को धन्यवाद दिया। पंत ने दिन के खेल खत्म होने के बाद ट्विटर पर एक तस्वीर शेयर करते हुए अपनी मां को बर्थ डे विश किया। इसके साथ ही पंत ने लिखा, ‘हैप्पी बर्थडे मां, हर परिस्थिति में मेरा साथ देने के लिए आपका धन्यवाद। मुझे याद है जब तुम मेरे प्रैक्टिस सेशन और मैच के दौरान खुद मेरे साथ जाया करती थी। तुमने आज तक हर परेशानी से मुझे बचाए रखा है, मैं इस सब को शब्दों में बयां नहीं कर सकता। लव यू और एक बार फिर जन्मदिन की मुबारकबाद।” अपनी पारी को लेकर ऋषभ पंत का मानना है कि उन्होंने ‘नर्वस नाइंटी सिंड्रोंम’ का सामना किया लेकिन कहा कि दूसरे छोर पर रविंद्र जडेजा के रहने से उन्हें पिछले टेस्ट मैचों की तुलना में खुलकर खेलने में मदद मिली। ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर शतक जमाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर बने पंत ने जडेजा (नाबाद 81) के साथ सातवें विकेट के लिये 204 रन की साझेदारी की।
बीस और तीस के स्कोर पर आउट होने के बाद क्या बदलाव किया, यह पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे नहीं लगता कि मैने कोई बदलाव किया । सबसे अहम बात यह है कि इस बार दूसरे छोर पर एक बल्लेबाज था। आम तौर पर जब मैं क्रीज पर आता हूं तो सामने पुछल्ले बल्लेबाज होते हैं।’’उन्होंने कहा ,‘‘ यदि मैं पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ हूं तो अलग तरह से बल्लेबाजी करनी पड़ती है और मुझे रन बनाने होते हैं। लेकिन एक बल्लेबाज के साथ खेलने पर बात अलग होती है जो आज आपने देखी।’’
Happy birthday mom . You are the person who is always behind me no matter what. I love you so much. Thank you for taking all the stress of mine and making it yours can’t even express my feelings in words. Love you happy birthday once again pic.twitter.com/9XEaSPRUfB
— Rishabh Pant (@RishabPant777) January 4, 2019
उन्होंने यह भी कहा कि टीम प्रबंधन की ओर से खुलकर खेलने की आजादी मिलने से भी उन्हें मदद मिली। उन्होंने कहा ,‘‘ मेरी बल्लेबाजी की सबसे अच्छी बात यह है कि टीम में सभी ने मुझे खुलकर खेलने की आजादी दी। जब भी मैं बल्लेबाजी के लिये उतरता हूं तो उसका पूरा मजा लेता हूं।’’पंत ने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ 90 के स्कोर पर आउट होना उसके जेहन में था। उसने कहा ,‘‘ मैं नर्वस था क्योंकि भारत में वेस्टइंडीज के खिलाफ पिछली दो पारियों में 92 रन पर आउट हुआ । थोड़ा डरा हुआ था लेकिन वह दौर बीत गया।’’ (भाषा इनपुट के साथ)
