भारतीय टीम के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के बल्ले से रविवार को वनडे करियर का पहला अर्धशतक निकला। पिछले कुछ समय से लगातार आउट ऑफ फॉर्म चल रहे पंत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम के लिए सबसे अधिक रन बनाए। ऋषभ पंत ने टीम के लिए 69 गेंद में 71 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 7 चौके और एक छक्का भी आया। पंत की बल्लेबाजी को देखने के बाद स्टेडियम में मौजूद फैंस भी जमकर चीयर करते नजर आए। धोनी के गढ़ माने जाने वाली चेन्नई की चेपॉक स्टेडियम में पंत-पंत के नारे लगने लगे। कई फैंस पंत के पोस्टर के साथ उनका हौसला बढ़ाते नजर आए। इस पारी के बाद पंत ने कहा कि उन्हें अब समझ में आ गया है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ‘स्वाभाविक खेल’ दिखाने जैसा कुछ नहीं और हालात के अनुरूप खेलना अहम होता है।

पंत के आलोचकों का मानना है कि वह अक्सर अपना विकेट गैर जिम्मेदाराना तरीके से खेलने के चलते गंवा देते हैं। बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग में खराब फॉर्म से जूझ रहे पंत लगातार आलोचकों के निशाने पर बने हुए थे। उन्होंने हालांकि वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में अर्धशतक जमाकर खराब फॉर्म को अलविदा कहा। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, ‘मैं इतना समझ गया हूं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में स्वाभाविक खेल जैसा कुछ नहीं। इसमें टीम की जरूरत या हालात के अनुरूप खेलना होता है।’

उन्होंने कहा, ‘मैं सीख रहा हूं। टीम की जीत के लिए जो कुछ कर सकता हूं, उस पर फोकस करूंगा। आखिर में मैने रन बनाए।’ उन्होंने कहा कि वह आलोचना की परवाह किए बगैर अपने खेल पर फोकस कर रहे हैं। पहले वनडे में 71 रन बनाने वाले पंत ने कहा, ‘मैं प्रक्रिया पर फोकस करना चाहता हूं। कई बार आपके बारे में अच्छा कहा जाता है और कई बार नहीं। मैं पूरा ध्यान अपने खेल पर लगा रहा हूं।’

लगातार आलोचना के बीच प्रेरणा के बारे में पूछने पर पंत ने कहा कि उन्होंने खुद पर भरोसा कभी नहीं छोड़ा था। उन्होंने कहा, ‘खुद पर भरोसा बनाए रखना सबसे जरूरी है। लोग आसपास चाहे जो बात करें। कई बार रन बनते हैं और कई बार नहीं लेकिन प्रक्रिया अहम होती है।’

मौजूदा हालात में यह पारी कितनी अहम है, यह पूछने पर उन्होंने कहा, ‘जब मैं भारत के लिए खेल रहा हूं तो हर पारी अहम है। मैं अपने प्रदर्शन में रोज सुधार देखना चाहता हूं।’ अक्सर मैदानों पर पंत का स्वागत ‘धोनी, धोनी’ की गूंज के साथ होता है लेकिन यहां नहीं। उन्होंने कहा, ‘कई बार दर्शकों का सपॉर्ट जरूरी होता है। मैं अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहा हूं कि प्रदर्शन में सुधार हो सके।’ (भाषा इनपुट के साथ)