भारत के टेस्ट कप्तान विराट कोहली के लिए साल 2016 बहुत खास रहा और उन्होंने बल्ले से खूब अपना जौहर दिखाया। विराट कोहली ने 2016 में क्रिकेट के तीनों ही फॉर्मेट टी20, वनडे और टेस्ट में जमकर खेल दिखाया और ढेरों रन बटोरे। विराट कोहली ने साल 2016 में अबतक कुल मिलाकर 2500 से अधिक रन बनाए हैं। इनमें से 1400 से अधिक रन उन्होंने टेस्ट मैचों में बनाए हैं। ये तो रही बल्लेबाजी की बात, कप्तानी में भी विराट कोहली ने बेतरीन नेतृत्व करते हुए भारत को नंबर एक टेस्ट टीम बनाया। इस दौरान उनके नेतृत्व में भारत ने 5 टेस्ट सीरीज में जीत हासिल की और लगातार 18 टेस्ट मैच में अपराजेय रहने के रिकॉर्ड की बराबरी भी की। साल 2016 में किसी भी टेस्ट टीम के कप्तान ने विराट कोहली जैसी उपलब्धि नहीं हासिल की और अपनी टीम को उनके जिताना बेहतरीन नेतृत्व दे पाया।

लेकिन, गत गुरुवार को जब आईसीसी के सालाना पुरस्कारों की घोषणा हुई और आईसीसी ने अपनी टेस्ट टीम की घोषणा की तो उसमें विराट कोहली को स्थान नहीं मिला। इस साल टेस्ट मैचों में कप्तानी और व्यक्तिगत तौर पर इतने शानदार प्रदर्शन के बाद भी विराट कोहली को आईसीसी टेस्ट टीम में स्थान न मिलने से उनके प्रशंसकों को घोर निराशा हुई। प्रशंसकों के आलावा कई बड़े पत्रकारों और खिलाड़ियों ने भी विराट को आईसीसी की टेस्ट टीम में शामिल नहीं किए जाने पर सवाल उठाए। आईसीसी के टीम सिलेक्शन पैनल में भारत के एक पूर्व कप्तान भी शामिल थे फिर विराट को स्थान क्यों नहीं मिल सका इसके पीछे की वजह के बारे में हम आपको बता रहे हैं…

आईसीसी की टेस्ट टीम चुनने वाले पैनल में पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़, टीम इंडिया के पूर्व कोच और दक्षिण अफ्रीका के कप्तान गैरी कर्स्टन के अलावा श्रीलंका के महान बल्लेबाज कुमार संगकारा शामिल थे। इसमें कोई शक नहीं है कि ये तीनों ही पूर्व खिलाड़ी व्यक्तिगत तौर पर विराट कोहली के खेल के प्रशंसक हैं और समय समय पर इसका इज़हार भी करते रहे हैं। फिर भी विराट को आईसीसी की टेस्ट टीम में शामिल नहीं किए जाने का कारण यह था कि इन तीनों को भी एक तय सीमा के भीतर ही फैसला लेना था।

दरअसल, विराट कोहली ने वनडे और टी-20 में सालभर खूब रन बनाए, लेकिन टेस्ट मैचों में उन्होंने पिछले पांच महीने में ही बल्ले से दमदार प्रदर्शन किया। विराट कोहली ने जुलाई 2016 से दिसंबर 2016 के बीच 18 टेस्ट पारियों में 1200 से अधिक रन बनाए हैं और इस दौरान उनका औसत 67.00 से अधिक का रहा है। आईसीसी की टेस्ट टीम में चयन के लिए 14 सितंबर, 2015 से 20 सितंबर, 2016 के बीच किए गए प्रदर्शन को आधार माना गया। इसका मतलब ये हुआ की विराट ने 14 सितंबर के बाद जो प्रदर्शन किया था वो गिनती में ही नहीं आ सका। विराट कोहली ने 14 सितंबर, 2015 से 0 सितंबर, 2016 के बीच 8 टेस्ट मैचों में 45.00 की औसत से 451 रन बनाए। वहीं, इसी समय अवधी में विराट कोहली के सबसे बड़े प्रतिस्पर्धी जो रूट ने 8 टेस्ट मैचों में 55.30 की औसत से 1272 रन बनाए। यही वजह रहा कि द्रविड़, कर्स्टन और संगकारा भी विराट को आईसीसी की टेस्ट टीम में शामिल नहीं कर पाए।

विराट कोहली ने 20 सितंबर, 2016 से अब तक 8 टेस्ट मैचों में दो दोहरे शतक के साथ 80.33 की रन औसत से 964 रन बनाए हैं, जबकि रूट ने इस दौरान 7 टेस्ट मैचों में केवल 589 रन ही बनाए हैं। विराट कोहली इस साल क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट को मिलाकर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं। विराट कोहली ने इस साल कुल 37 मैचों में 2595 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 7 शतक और 13 अर्धश्गातक भी लगाया है। उनका बेस्ट स्कोर 235 रन रहा है। कोहली के बाद दूसरे नंबर पर इंग्लैंड के जो रूट हैं, जिन्होंने 41 मैच खेलकर 2570 रन बनाए हैं। हालांकि, कोहली को आईसीसी के वनडे टीम की कमान सौंपी गई है। वहीं, आईसीसी की एकदिवसीय टीम में रोहित शर्मा को भी स्थान दिया गया है।