श्रीलंका के तेज गेंदबाज नुवान प्रदीप हैमस्ट्रिंग इंजुरी के कारण भारत के साथ जारी टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। प्रदीप दूसरे ऐसे खिलाड़ी हैं, जो मैच के दौरान चोटिल होकर सीरीज से बाहर हुए हैं। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट मैच के दौरान असेला गुणारत्ने चोटिल हो गए थे। वह सीरीज से बाहर हो चुके हैं।
असेला जहां स्लिप में कैच लपकने के प्रयास में चोटिल हुए थे वहीं प्रदीप को गेंदबाजी के दौरान चोट लगी। श्रीलंकाई टीम के मैनेजर असांका गुरुसिंघा ने प्रदीप को सीरीज से बाहर होने की पुष्टि की है।
गुरुसिंघा ने कहा है कि प्रदीप को ग्रेड-1 की हैमस्ट्रिंग इंजुरी है और इससे उबरने में उन्हें कम से कम दो सप्ताह लग जाएंगे। अब श्रीलंका को यह टेस्ट मैच 10 खिलाड़ियों के साथ पूरा करना होगा। गॉल टेस्ट भी उसने 10 खिलाड़ियों के साथ समाप्त किया था।
अब श्रीलंका को मैच जीतने के लिए 440 रन बनाने हैं जो कि वर्तमान परिस्थितयों में असंभव लगता है। मैच ड्रॉ कराने के लिए भी दो दिन और दो सत्र लगातार बल्लेबाजी करनी होगी। पिच की हालत को देखते हुए टीम का तीसरे दिन के अंत तक टिके रहना भी मुश्किल लग रहा है। भारत ने गॉल में खेला गया पहला टेस्ट मैच 304 रनों से अंतर से जीता था। उसने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना रखी है।
श्रीलंका ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक दो विकेट पर 50 रन बनाए थे। कुशल मेंडिस 16 और दिनेश चांडीमल 8 रनों पर नाबाद लौटे थे। मेंडिस (24) को तीसरे दिन उमेश यादव ने चलता किया जबकि चांडीमल (10) को रवींद्र जडेजा ने पवेलियन की राह दिखाई। इसके बाद श्रीलंका ने लगातार अंतराल पर कप्तान एंजेलो मैथ्यूज (26), निरोशन डिकवाला (51), धनंजय सिल्वा (0), रंगना हेराथ (2) और नुवान प्रदीप (0) के विकेट गंवाए। मेलिंडा पुष्पकुमार 15 रनों पर नाबाद लौटे। भारत की ओर से अश्विन के अलावा मोहम्मद समी और जडेजा ने दो-दो विकेट लिए जबकि उमेश को एक सफलता मिली।
भारत ने चेतेश्वर पुजारा (133), अजिंक्य रहाणे (132), रिद्धिमान साहा, (67) लोकेश राहुल (57), रविचंद्रन अश्विन (54) और रवींद्र जडेजा (नाबाद 70) की बेहतरीन पारियों के दम पर अपनी पहली पारी नौ विकेट के नुकसान पर 622 रनों पर घोषित की। यह दूसरा मौका है जब देश से बाहर खेलते हुए भारत के छह बल्लेबाजों ने 50 का आंकड़ा पार किया हो। इससे पहले इंग्लैंड के ओवल में 2007 में भारतीय बल्लेबाजों ने यह कारनामा अंजाम दिया था।
