सचिन तेंदुलकर के कोच रमाकांत आचरेकर का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ नहीं किए जाने पर नाराजगी जताते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को मास्टर ब्लास्टर से भविष्य में सरकारी कार्यक्रमों का बहिष्कार करने को कहा। राउत ने अपने ट्वीट में पूछा, ‘‘पद्मश्री एवं द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित रमाकांत आचरेकर का अंतिम संस्कार महाराष्ट्र सरकार ने राजकीय सम्मान एवं आदर के साथ क्यों नहीं किया? सरकार ने रमाकांत आचरेकर के प्रति असम्मान दिखाया है। सचिन तेंदुलकर को अब से सरकारी कार्यक्रमों का बहिष्कार करना चाहिए।’’ बता दें कि 87 वर्षीय आचरेकर का बुधवार को उम्र संबंधी बीमारियों के चलते निधन हो गया था। महाराष्ट्र सरकार में वरिष्ठ मंत्री ने बृहस्पतिवार को कहा था कि सरकारी स्तर पर ‘‘संवादहीनता’’ के चलते आचरेकर का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ नहीं हो पाया।

प्रसिद्ध क्रिकेट कोच के अंतिम संस्कार के मौके पर राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले महाराष्ट्र के आवासन मंत्री प्रकाश मेहता ने कहा कि आचरेकर का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ नहीं किया जाना ‘‘दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण’’ है। तेंदुलकर, विनोद कांबली, बलविंदर सिंह, चंद्रकांत पंडित, प्रवीण आमरे, संजय बांगर और रमेश पवार जैसे क्रिकेटरों के करियर को आकार देने में उनके उत्कृष्ट योगदान की सरहाना करते हुए शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा कि राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार नहीं किया जाना ‘‘परेशान करने वाला’’ एवं ‘‘दुखद’’ है।

बता दें कि बृहस्पतिवार को सिडनी टेस्ट में खेल के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम ने पूर्व क्रिकेट कोच के सम्मान में बाजु पर काले रंग के फीते बांधकर अपना शोक व्यक्त किया था। वहीँ तेंदुलकर ने अचरेकर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मैंने क्रिकेट की शुरुआती शिक्षा उन्हीं से ली थी। मेरे जीवन में उनके योगदान को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। आज मैं जहाँ खड़ा हूँ इसकी नींव उन्होंने ही रखी थी। (भाषा इनपुट्स के साथ)