ऐसे बहुत से क्रिकेट प्लेयर्स हैं जिन्होंने अपने करियर में कई रिकॉर्ड्स बनाए और तोड़े और उन्हें अपनी इस उपलब्धि पर गर्व भी होगा। लेकिन, इन्हीं खिलाड़ियों में से कुछ नाम ऐसे भी हैं जो ना चाहते हुए भी एक ऐसे रिकॉर्ड का हिस्सा बने जिसपर उनको बिल्कुल भी नाज नहीं होगा। क्योंकि यह रिकॉर्ड है बिना खाता खोले सर्वाधिक बार पैवेलियन लौटने का रिकॉर्ड। यदि हम बात वनडे क्रिकेट की करें निसंदेह सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के इस फॉर्मेट के सबसे महान खिलाड़ी हैं। लेकिन सचिन भी अपने वनडे करियर में 20 बार बिना कोई रन बनाए पवेलियन लौटे हैं। ऐसे ही वनडे क्रिकेट में कई और बड़े नाम है, जो सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड बना चुके हैं। हम आपको वनडे मैचों में सबसे ज्यादा मौकों पर खाता खोलने में असफल रहने वाले शीर्ष पांच खिलाड़ियों के बारे में बता रहे हैं…

सनथ जयसूर्या।(Photo: CSL Twitter Handle)

सनथ जयसूर्या(श्रीलंका): श्रीलंका के पूर्व सलामी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या वनडे मैचों में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले बल्लेबाज हैं। जयसूर्या ने अपने वनडे करियर में कुल 445 मैच खेलकर 34 मौकों पर बिना खाता खोले पैवेलियन लौटे हैं। वनडे क्रिकेट में सनथ जयसूर्या ने रनों का अंबार लगाया है और उनके नाम 13 हजार से ज्यादा रन दर्ज हैं। वो क्रिकेट के इस फॉर्मेट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शुमार किए जाते हैं, लेकिन सनथ जयसूर्या के नाम यह अनचाहा रिकॉर्ड जुड़ा है।

शाहिद आफरीदी।(Photo: PCB FB Wall)

शाहिद आफरीदी(पाकिस्तान): विश्व क्रिकेट में अपनी विस्फोटक और साहसी बल्लेबाजी के लिए जाने जानेवाले शाहिद आफरीदी 20 साल के अपने वनडे करियर में कुल 30 बार खाता खोलने में नाकाम रहे। एक सलामी बल्लेबाज के रूप में अपने वनडे करियर की शुरूआत करने वाले आफरीदी बाद में मध्य क्रम के बल्लेबाज के रूप में पाकिस्तान की एकदिवसीय टीम के सबसे अहम खिलाड़ी रहे। आफरीदी के नाम वनडे क्रिकेट में 8 हजार से ज्यादा रन और 395 विकेट दर्ज हैं। शाहिद आफरीदी के नाम वनडे का सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड भी काफी समय तक रहा।

वसीम अकरम।(Photo: PCB FB Wall)

वसीम अकरम(पाकिस्तान): वसीम अकरम ने दो दशक तक पाकिस्तान के लिए क्रिकेट खेला। इस दौरान उन्होने अपनी स्विंग गेंदबाजी से दुनिया भर के बल्लेबाजों को आतंकित किया और कई मौकों पर बल्लेबाजों को बिना खाता खोले ही पैवेलियन लौटा दिया। लेकिन, अकरम खुद को भी इस अनचाहे रिकॉर्ड से बचा नहीं सके। अकरम ने 356 वनडे मैचों में साढ़े तीन हजार से ज्यादा रन बनाए। इस दौरान वो कुल 28 मौकों पर खाता खोलने में असफल रहे। हालांकि, वसीम अकरम ने अपनी बल्लेबाजी की इस कमी को अपनी शानदार गेंदबाजी से पूरा किया। उन्होंने 356 वनडे मैचों में कुल 502 विकेट चटकाए, किसी तेज गेंदबाज द्वारा एकदिवसीय क्रिकेट में यह सर्वाधिक विकेट है।

महेला जयवर्धने।(Photo: CSL FB Wall)

महेला जयवर्धने(श्रीलंका): वर्षों तक श्रीलंकाई क्रिकेट टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज और मध्यक्रम की रीढ़ रहे महेला जयवर्धने के नाम भी वनडे क्रिकेट में 28 बार शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड दर्ज है। जयवर्धने ने श्रीलंका के लिए 448 वनडे मैचों में 12 हजार से ज्यादा रन बनाए हैं, लेकिन 28 मौकों पर विपक्षी गेंदबाजों ने उन्हें शून्य पर आउट कर पैवेलियन भेज दिया।

मुथैया मुरलीधरन। (Photo: Reuters)

मुथैया मुरलीधरन(श्रीलंका): शून्य पर आउट होने वाले बल्लेबाजों की टॉप 5 लिस्ट में एक और श्रीलंकाई नाम मुथैया मुरलीधरन का है। मुरलीधरन 350 एकदिवसीय मैचों में 25 बार खाता खोलने में नाकाम रहे। मुरलीधरन जितने अच्छे गेंदबाज थे उतने ही बुरे बल्लेबाज भी थे। उन्होने अपने वनडे करियर में कुल 350 मैच खेले जिनमें उनके नाम 674 रन दर्ज हैं। यानी वो वनडे में हजार रन के आंकड़े को भी छूने में नाकाम रहे। हालांकि, वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन ही हैं। उन्होंने 350 वनडे मुकाबलों में 534 विकेट चटकाए हैं।

क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट को मिलाकर सर्वाधिक बार शून्य पर आउट होने वाले बल्लेबाज: क्रिकेट के तीनों प्रारूपों टेस्ट, एकदिवसीय औरटी20 में मिलाकर जो बल्लेबाज़ अपने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट हुए हैं उस कतार में सबसे ऊपर जो नाम शामिल है वह श्रीलंकाई क्रिकेट टीम के पूर्व महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरण का है। वह अपने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर में कुल 59 बार शून्य पर आउट हुए हैं। उनके बाद कर्टनी वॉल्श का नंबर आता है, वॉल्श अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में 54 बार शून्य पर आउट हुए हैं। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर सनथ जयसूर्या का नंबर है जो अपने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में 53 बार शून्य पर आउट हो चुके हैं। आॅस्ट्रेलिया के महान तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा 49 बार अपने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में शून्य पर आउट होकर इस सूची में चौथे नंबर पर हैं। वहीं, श्रीलंका के पूर्व बल्लेबाज महेला जयवर्धने अपने क्रिकेट करियर में 47 बार बिना खाता खोले पैवेलियन लौट चुके हैं और वो इस लिस्ट में पांचवें स्थान पर हैं।