भारतीय वनडे टीम के कप्तान क्रिकेट मैदान पर जब होते हैं तो भारतीय टीम को अपने मार्गदर्शन में हमेशा जीतने के लिए खेलने की प्रेरणा देते रहे हैं। फिलहाल, एमएस धोनी क्रिकेट के मैदान से दूर हैं लेकिन, उन्होंने एक क्रिकेट टीम को अपने मार्गदर्शन में एक प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के सेमिफाइनल में पहुंचाया है। हम बात कर रहे हैं झारखण्ड रणजी टीम की। भारतीय एदिवसीय टीम के कप्तान एमएस धोनी अपनी छुट्टी इस समय अपने गृहनगर में ही बिता रहे हैं। इस दौरान वो झारखण्ड रणजी टीम के मेंटर की भूमिका में रहे हैं। महेंद्र सिंह धोनी की देखरेख में खेल रही झारखंड टीम ने हरियाणा को पांच विकेट से हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में जगह बना ली है।
सोमवार को लेफ्ट आर्म स्पिनर शाहबाज नदीम (मैच में कुल 11 विकेट) की घातक गेंदबाजी के बाद युवा बल्लेबाज इशान किशन (86) के अर्धशतक के दम पर झारखण्ड ने हरियाणा को पांच विकेट से हरा दिया। हरियाणा की टीम दूसरी पारी में 262 रन बनाकर आउट हो गई, झारखंड को जीत के लिए 176 रन का लक्ष्य मिला। झारखण्ड की टीम ने मैच के चौथे ही दिन पांच विकेट पर 178 रन बनाकर जीत दर्ज की। यह पहला अवसर है, जब झारखंड की टीम रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुंची है। इससे पहले 2012-13 में पंजाब और 2015-16 में मुंबई ने झारखंड को क्वार्टर फाइनल में हराया था।
भारत की अंडर-19 टीम के पूर्व कप्तान इशान किशन ने अपनी 86 रन की पारी में 61 गेंदों का सामना कर नौ चौके और छह छक्के जड़े। उन्होंने आनंद सिंह (27) के साथ पहले विकेट के लिए 95 रन की साझेदारी की। इशान जब आउट हुए तब टीम का स्कोर दो विकेट पर 139 रन था। इसके बाद पहली पारी के शतकवीर विराट सिंह (21), इशांक जग्गी (आठ) और सुमित कुमार का विकेट गवांकर झारखंड ने लक्ष्य हासिल कर लिया। कौशल सिंह 12 रन बनाकर नाबाद रहे। हरियाणा के लिए युजवेंद्र चहल ने 43 रन पर दो विकेट और संजय पहल ने 36 रन पर दो विकेट लिये।
इससे पहले हरियाणा ने सुबह अपनी दूसरी पारी दो विकेट पर 146 रन से आगे बढ़ाई, लेकिन उसने नियमित अंतराल में विकेट गंवाए। उसकी तरफ से चैतन्य बिश्नोई ने सर्वाधिक 52 रन बनाए। उनके अलावा अलावा निचले क्रम के बल्लेबाज संजय पहल ने 29 और हर्षल पटेल ने 25 रन का योगदान दिया। झारखंड की ओर से बायें हाथ के स्पिनर शाहबाज नदीम ने चार और समर कादरी ने तीन विकेट झटके।

