चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी कप्तानी में टीम को तीसरी बार आईपीएल का खिताब दिलाया। धोनी भले ही फाइनल मैच में बल्लेबाजी करने मैदान पर ना आए हों, लेकिन उन्होंने अपनी कप्तानी से हैदराबाद को कम स्कोर पर रोकने का काम बखूबी किया। धोनी को इस सीजन का स्टार प्लस नई सोच सीजन अवॉर्ड प्रदान किया गया है। हैदराबाद के खिलाफ शिखर धवन और केन विलियमसन के बीच एक बहुत ही महत्वपूर्ण साझेदारी पनप रही थी, इस साझेदारी को तोड़ना चेन्नई के लिए काफी अहम हो गया था। ऐसे में धोनी ने एक बार फिर रविंद्र जडेजा पर दांव खेला और धवन को पवेलियन का रास्ता दिखाया। जडेजा ने शिखर धवन को क्लीन बोल्ड कर चेन्नई की वापसी करा दी। गोस्वामी के जल्द आउट होने के बाद शिखर धवन (26) और केन विलियमसन (47) की जोड़ी ने टीम को संभाला और स्कोर बोर्ड को अच्छे से चलाया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 51 रनों की साझेदारी की।
इसके बाद धोनी ने गेंद रवींद्र जडेजा को थमाई जिन्होंने 64 के कुल स्कोर पर धवन को बोल्ड कर दिया। अर्धशतक की ओर बढ़ रहे विलियमसन का विकेट 101 के कुल स्कोर पर गिरा। उनकी कोशिश कर्ण शर्मा की लेग स्पिन पर आगे बढ़कर शॉट मारने की जिसमें वो चूक गए और धोनी ने उन्हें स्टम्प किया। शाकिब अच्छी लय में थे। वह 14 गेंदों में दो चौके और एक छक्के की मदद से 23 रन बना चुके थे, लेकिन अपनी पारी की 15वीं गेंद पर वह सुरेश रैना के हाथों लपके गए।
वहीं दीपक हुड्डा इस मैच में भी फ्लॉप साबित रहे और 3 रन बनाकर कैच आउट हो गए। यहां से ब्रैथवेट और पठान ने मोर्चा संभाला। दोनों ने आखिरी के ओवर में कुछ अच्छे शॉट्स लगाए और हैदराबाद के स्कोर को 178 तक पहुंचाने का काम किया। हालांकि, चेन्नई ने इस लक्ष्य को 9 गेंद रहते ही बड़े ही आसानी के साथ अपने नाम कर लिया।
