श्रीलंका के नंबर एक गेंदबाज लसिथ मलिंगा के लिए होबार्ट वनडे किसी बुरे सपने से कम नहीं होगा। वो कभी इस मैच को याद नहीं रखना चाहेंगे। होबार्ट वनडे में मलिंगा ने अपने 7.4 ओवर में 96 रन दिए थे। इकॉनमी के लिहाज से मलिंगा के इस स्पेल को वनडे क्रिकेट के इतिहास का सबसे खराब स्पेल माना जा सकता है। मलिंगा की गेंदों की धुनाई कर भारतीय टीम के मौजूदा कप्तान विराट कोहली ने दिखा दिया था कि जब वह फॉर्म में होते हैं तो उनके सामने बड़े से बड़े गेंदबाज बेअसर नजर आते हैं। ऐसा ही कुछ उस दिन मलिंगा भी रहे। यही वजह रही कि कोहली ने उनके एक ओवर में 24 रन भी बटोर डाले। इस मैच में कोहली ने महज 86 गेंदों में नाबाद 133 रन बनाए थे। 2012 में खेले गए कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज के इस मैच में भारत को आगे टूर्नामेंट में बने रहने के लिए मैच को जल्द से जल्द जीतना था। ऐसे में वीरेंद्र सहवाग और सचुन तेंदुलकर ने टीम को अच्छी शुरुआत दी।

लेकिन तेज रन बनाने के चक्कर में सहवाग 16 गेंदों में 30 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद खेलने उतरे गौतम गंभीर ने सचिन के साथ कुछ समय तक पारी को संभाला लेकिन सचिन भी जल्दी आउट हो गए। भारतीय टीम के लिए काम मुशिकल होता जा रहा था। ऐसे में विराट कोहली ने आकर तेजी के साथ खेलना शुरू किया और महज 36.4 ओवर में टीम को जीत दिला दी। मुकाबले के बाद कोहली ने इस पारी को अपने जीवन की बेहतरीन पारी भी कहा था।

इस पारी के लिए विराट कोहली को मैन ऑफ द मैच चुना गया। श्रीलंका की तरफ से इस मैच दिलशान ने नॉट आउट 160 रनों की दमदार पारी खेली थी। वहीं भारत की तरफ से विराट के अलावा सुरेश रैना और गौतम गंभीर ने रन बनाए थे।