भारतीय टीम पुणे में पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में तीन विकेट की शानदार जीत के बाद भले ही आत्मविश्वास से भरी हो लेकिन यहां 19 जनवरी को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले दूसरे वनडे के लिए टीम बुधवार (18 जनवरी) को जब यहां पहुंचेगी तो निश्चित तौर पर ओस से होने वाली संभावित परेशानी उसके दिमाग में होगी। स्थानीय क्यूरेटर के मुताबिक ओस शाम साढ़े पांच बजे के बाद पड़ने लगती है और अगर मैच के दिन भी ऐसा हुआ तो टॉस बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम के पक्ष में अहम भूमिका निभा सकता है। क्यूरेटर पंकज पटनायक ने मंगलवार (17 जनवरी) को कहा, ‘पिछले कुछ दिनों से काफी ओस पड़ रही है और रासायनिक स्प्रे, दो सुपर सोपर और मैदान को रस्सी से सुखाकर हम इससे निपटने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे।’ आउटफील्ड की घास को भी काटकर आठ मिलीमीटर से छह मिलीमीटर कर दिया गया है जिससे कि ओस मिट्टी में चली जाए।
यहां पिछला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच दो साल से भी अधिक समय पहले दो नवंबर 2014 को आयोजित किया गया था जिसमें भारत ने पांच विकेट पर 363 रन बनाने के बाद श्रीलंका को 169 रन से हराकर 5-0 से क्लीनस्वीप की नींव रखी थी। विराट कोहली की अगुआई वाली भारतीय टीम पुणे में पहले वनडे में इंग्लैंड के 351 रन के लक्ष्य को 11 गेंद शेष रहते सात विकेट गंवाकर हासिल करते हुए अपने इरादे पहले ही जाहिर कर चुकी है और इस मैदान पर भी बड़े स्कोर की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। क्यूरेटर ने कहा, ‘मेरे लिए रनों की भविष्यवाणी करना मुश्किल होगा लेकिन हमेशा की तरह इस पिच पर काफी रन बनेंगे। यह बल्लेबाजी की अनुकूल पिच होगी और बल्लेबाजों को इसका फायदा उठाना होगा।’ दोनों टीमें बुधवार (18 जनवरी) को यहां पहुंचेंगी और शाम को अभ्यास करेंगी। श्रृंखला का तीसरा और अंतिम वनडे 22 जनवरी को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा।
